बांदा। कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में स्टाम्प देयकों, आबकारी जैसे विभिन्न विभागों की कर-करेत्तर वसूली की समीक्षा की और मण्डी के करों में वृद्धि लाने के निर्देश दिए गए।डीएम ने कम वसूली पर मण्डी सचिव से स्पष्टीकरण मांगा। परिवहन और आबकारी की वसूली बढ़ाने तथा प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदारों व तहसीलदारों को बड़े बकायेदारों से धन वसूली के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य देयकों की वसूली में भी गति लाने की आवश्यकता बताई गई। आरसी की वसूली की समीक्षा करते हुए तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को बैंक, विद्युत एवं खनिज की आरसी की वसूली शीघ्र पूर्ण करने का आदेश दिया। कोई भी राजस्व वाद लंबित न रहे। संपूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में प्राप्त प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करने के आदेश दिए गए।
आईजीआरएस प्रकरणों में असंतुष्ट फीडबैक न आने देने की हिदायत दी। एक माह के भीतर धारा-24 और 116 के तहत वादों के निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि/रा कुमार धर्मेन्द्र उपस्थित रहे।