नवागंतुक डीएम के आदेशों की अनदेखी करना अधिकारियों व कर्मचारियों को महंगा पड़ा। विकास भवन में सीडीओ के औचक निरीक्षण में डीएसओ समेत पांच अफसर और 14 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। इन सभी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
हाल ही में चार्ज संभालने के बाद डीएम योगेश कुमार ने निर्देश दिए थे कि सभी अधिकारी सुबह 10 से 12 बजे तक अपने दफ्तरों में बैठकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनें। निर्देश के बाद डीएम ने शनिवार की सुबह सीडीओ रामकुमार सिंह को विकास भवन का निरीक्षण करने के लिए कहा।
सीडीओ सुबह 10:15 बजे विकास भवन पहुंच गए। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह और जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव अपने दफ्तरों से बिना किसी सूचना के गायब मिले। लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता भी नदारद थे। जिला युवा कल्याण अधिकारी आरके त्रिपाठी भी अनुपस्थित मिले। कर्मचारियों ने बताया कि वह किसी काम से चित्रकूट गए हैं। उपायुक्त एनआरएलएम महेंद्र कुमार भी बिना बताए गैरहाजिर रहे।
जिला अर्थ संख्या अधिकारी कार्यालय में लिपिक संतोष, युवा कल्याण विभाग में लिपिक तारकेश्वरी मुखर्जी, अरुणा सिंह, कृषि विभाग में शरीफ अहमद, सहकारिता में एसएसओ आलोक कुमार व रामहित, कौशल विकास मिशन में महेश प्रसाद, वित्त एवं विकास निगम में आलोक चंद्र कुशवाहा, विकलांग कल्याण में लिपिक अरविंद कुमार, समाज कल्याण में छात्रावास अधीक्षक संदीप कुमार व जितेंद्र कुमार मिश्र, आरईएस में लिपिक राजेश निगम व चालक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा, प्यून योगेश कुमार अनुपस्थित मिले। कई कार्यालयों में गुटखा-पान की गंदगी मिली। सीडीओ ने विभागाध्यक्षों को कड़ी चेतावनी दी। अनुपस्थित अफसरों व कर्मचारियों को तीन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।