प्रदेश सरकार के आम बजट में बुंदेलखंड की पेयजल योजनाओं को दिए गए तीन हजार करोड़ रुपये से चित्रकूटधाम मंडल की अधूरी ग्रामीण पाइप्ड पेयजल योजनाओं के पूरा होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इन परियोजनाओं को वर्ष 2018 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन बजट न होने से अधूरी पड़ी है। हालांकि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत इन योजनाओं की कुल लागत 95 करोड़ 43 लाख 63 हजार रुपये है, लेकिन इसमें मात्र 36 करोड़ 40 लाख 7 हजार रुपये ही मिले हैं। 59 करोड़ 3 लाख 56 हजार की और जरूरत है।
पूरे बुंदेलखंड में हर समय पेयजल संकट रहता है।
गर्मी के मौसम में यहां पेयजल संकट और भी बढ़ जाता है। उधर, बजट के अभाव में कई ग्रामीण पेयजल योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। वर्ष 2019-20 के लिए विधानसभा में पेश किए गए बजट में 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान पेयजल के लिए किया गया है। इससे माना जा रहा है कि जल निगम द्वारा संचालित चित्रकूटधाम मंडल की अधूरी 8 परियोजनाएं इस वर्ष चालू हो जाएंगी। इनमें बांदा और चित्रकूट की 3-3 और हमीरपुर व महोबा की एक-एक परियोजनाएं शामिल हैं।
अधूरी पड़ीं ग्रामीण पाइप्ड पेयजल योजनाएं
जिला योजना लागत (लाख में)
बांदा बल्लान 453.68
बांदा सांड़ी 356.08
बांदा गुढ़ाकलां 1187.46
चित्रकूट बरगढ़ 7345.77
चित्रकूट मऊ 17,927.16
चित्रकूट हन्ना बिनैका 227.36
हमीरपुर भमई 280.18
महोबा बरखेरा 4114.39
10 अरब से मिलेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को रफ्तार
बांदा। प्रदेश के आम बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए सरकार ने एक हजार करोड़ (10 अरब) रुपये प्रस्तावित किए हैं। प्रदेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा और जालौन सहित औरैया व इटावा जिलों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे के लिए 182 गांवों के 1055 किसानों की भूमि खरीदी जानी है। बैनामों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किसानों को एक अरब 60 करोड़ 39 लाख 45 हजार 506 रुपये दिए जानें हैं। अब तक 656 से अधिक बैनामें हो गए हैं। अब तक बमुश्किल 10 फीसदी भूमि ही खरीदी जा सकी है। बजट मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है इसमें और तेजी आएगी।
810 करोड़ से अधूरे कार्य होंगे पूरे
बांदा। आम बजट में बुंदेलखंड के शेष पैकेज (योजनाएं) के लिए भी सरकार ने 810 करोड़ रुपये (8 अरब 10 करोड़) प्रस्तावित किए हैं। इससे पैकेज के तमाम अधूरे कार्यों को रफ्तार मिलेगी। केंद्र सरकार भी पिछले वर्षों में पैकेज के लिए बजट देती रही है। विशेष पैकेज की शुरुआत 2009-10 से हुई। तब से पिछले वर्ष 2017-18 तक केंद्र सरकार बुंदेलखंड पैकेज के लिए प्रदेश सरकार को 3107.87 करोड़ (31 अरब 7 करोड़ 87 लाख) जारी कर चुकी है। पैकेज के बजट से सिंचाई, बागवानी, डेयरी, कृषि, तालाब, बांध, पशुधन, महिला संवर्धन आदि के कार्य कराए जा रहे हैं। पिछले वर्ष 2017-18 में 917.20 करोड़ की पिछली किस्त में नीति आयोग ने नई परियोजनाओं के लिए 803.57 करोड़ रुपये और चालू परियोजनाओं के लिए 113.63 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। गौरतलब है कि वर्ष 2009 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने 7266 करोड़ का बुंदेलखंड पैकेज स्वीकृत किया था। इसमें उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड को 3506 करोड़ रुपये मिले थे।