Exercise to bring girls to school
- फोटो : BANDA
बांदा। पढ़ाई छोड़कर घर बैठ गईं बालिकाओं को फिर स्कूल लाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए गैर लाभकारी संस्था एजूकेट गर्ल्स ने गांव-गांव अभियान/सर्वे छेड़ा है। बांदा और चित्रकूट सहित कौशांबी जिले में यह संस्था बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में काम कर रही है।
संस्था की जिला प्रबंधक शबनम सैफी और जिला कार्यक्रम अधिकारी रमाकांत प्रजापति के नेतृत्व में चल रहे अभियान में सीमांत व आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की बालिकाओं और युवतियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
एजूकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन ने बताया कि उनका यह कार्यक्रम मॉडल सभी बालिकाओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए है। विद्यालय न जाने वाली लड़कियों के अधिकतम नामांकन, ठहराव और बेहतर शिक्षा परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक आउटरीच का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संगठन ने 5 फीसदी ऐसे गांवों की पहचान की है जहां 40 फीसदी लड़कियां स्कूल नहीं जातीं। देश में अब तक 13 लाख से अधिक बच्चों को सीखने-सिखाने में एजूकेट गर्ल्स ने सुधार किया है।