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हर अधिकारी और कर्मी देगा तंबाकू न खाने का शपथपत्र

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मेडिकल कालेज में प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते डीएम हीरा लाल। - फोटो : BANDA
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बांदा। जिले में तंबाकू नियंत्रण अधिनियम-2003 (कोटपा) सख्ती से लागू होगा। इसकी शुरुआत जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों से की जा रही है। डीएम ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तंबाकू और तंबाकू से बने अन्य उत्पादों का प्रयोग न करने का शपथपत्र देने को कहा है।
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गुरुवार को राजकीय मेडिकल कालेज सभागार में आयोजित जिलास्तरीय कार्यशाला में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। अध्यक्षता कर रहे डीएम हीरालाल ने कहा कि हर साल भारत में 10 लाख लोगों की तंबाकू के सेवन से मृत्यु होती है। तंबाकू से मानसिक रोग भी जकड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि निरोग रहने के लिए योग जरूरी है। जिले के सभी गांवों, स्कूलों तथा वार्डों में योग कराया जाएगा।
सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण अधिनियम का पालन कर जुर्माने से बचा जा सकता है। इस अधिनियम की धारा-4 के तहत सार्वजनिक स्थानों, सभागार, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, प्रतीक्षालय, मनोरंजन केंद्र, रेस्टोरेंट, सरकारी दफ्तर, न्यायालय परिसर, शिक्षण संस्थान, पुस्तकालय आदि स्थलों में धूम्रपान अपराध है। 200 रुपये जुर्माना हो सकता है।
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नॉन कम्युनिकेशन डिजीज (एनसीडी) सेल के नोडल अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने बताया कि बांदा जिले में वर्ष 2017 से शुरू हुए तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल में तंबाकू उन्मूलन केंद्र स्थापित किया गया है। यहां तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए काउंसलिंग और दवाएं दी जाती हैं। जिला, ब्लाक और गांव स्तर पर समन्वय समितियां गठित की गई हैं। मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ तंबाकू छोड़ने का आह्वान किया। एनटीसीपी के राज्य सलाहकार सतीश कुमार त्रिपाठी, दंत विभागाध्यक्ष डॉ. शरद चंद्र, डॉ. रामबीर सिंह राजावत ने भी संबोधित किया। एसडीएम संदीप कुमार (बांदा), मंसूर अहमद (पैलानी) सहित सीएमएस डॉ. किशोरीलाल, उप निदेशक सूचना भूपेंद्र सिंह यादव, बीएसए हरिश्चंद्रनाथ भी मौजूद रहे।
जुर्माने की बढ़ाई जाएगी राशि
सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद नियंत्रण अनिधियम-2003 (कोटपा) की धारा-4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है। धारा-6 में स्कूल-कालेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर रोक है। धारा-6बी में 18 वर्ष से कम आयु बच्चों का तंबाकू उत्पाद बेचने या उनसे बिकवाना अपराध है। इसमें 200 रुपये जुर्माना हो रहा है। जल्द ही यह बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाएगा।
साढ़े 35 फीसदी लोग कर रहे तंबाकू का सेवन
देश में कैंसर के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश और बिहार में हैं। इसकी वजह यहां तंबाकू का सेवन है। ग्लोबल एडल्ट्स तंबाकू सर्वे डेस-1 और डेस-2 के आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू सेवन करने वाले लोगों की संख्या पिछले पांच वर्षों में 33.9 से बढ़कर 35.5 प्रतिशत हो गई है। 15 से 17 वर्ष तक के किशोरों में तंबाकू सेवन की दर घटी है। यह 5 वर्ष 8 प्रतिशत थी, अब 2.8 प्रतिशत रह गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पिछले वर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल 10 लाख लोग तंबाकू सेवन से मर जाते हैं। यह कुल मौतों का 9.5 प्रतिशत है।
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