बांदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गंदगी भारत छोड़ो’ आह्वान के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी संजीदा नहीं हैं। साफ-सफाई के प्रति यहां के लोगों में भी जागरुकता नहीं आई। शहर में कूड़े के ढेर जस के तस हैं। गंदगी के ढेरों से परिषदीय विद्यालय भी अछूते नहीं हैं।
दुर्गंध और कूड़े के ढेर परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के अच्छे माहौल में आड़े आ रहे हैं। शहर के 46 परिषदीय विद्यालयों के बाहर नगर पालिका ने कूड़ाघर (डंपिंग प्वाइंट) बना रखे हैं। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों को सड़ांध से जूझना पड़ता है। इस समस्या से स्कूल प्रधानाध्यापक कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, पर समाधान नहीं हुआ।
पूरे दिन लगा रहता है कूड़े का ढेर
रेलवे स्टेशन रोड स्थित छत्रसाल परिसर में प्राथमिक विद्यालय, छावनी भाग-एक व भाग-दो और पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बलखंडी नाका संचालित हैं। कोरोना के चलते बच्चों की छुट्टी है। सिर्फ प्रधानाध्यापक और अध्यापक ही स्कूल आ रहे हैं। विद्यालय भवन के मुख्य गेट पर दिनभर कूड़ा ढेर रहता है। मूत्रालय भी बना है। इससे यहां हर समय सड़ांध की नौबत रहती है।
दुर्गंध से सास लेना भी हुआ दूभर
नगर पालिका की नाकतले प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय, गूलर नाका एक ही परिसर में स्थित हैं। इन विद्यालयों के गेट के पास ही नगर पालिका का कूड़ाघर है। अति व्यस्त इस इलाके में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कूड़े से आसपास की आबोहवा बदबूदार रहती है। दुर्गंध से स्कूली बच्चों और स्टाफ का सांस लेना दूभर होता है।
शिकायत के बाद भी नहीं हटा कूड़ाघर
प्राथमिक विद्यालय छत्रसाल की प्रधानाध्यापक शुभा प्रजापति ने बताया कि लंबे अर्से से यहां कूड़ाघर है। कई बार नगर पालिका प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई नतीजा नहीं निकला।
कई बार पत्र लिखा पर नहीं हुई सुनवाई
प्राथमिक विद्यालय, गूलरनाका की प्रधानाध्यापक जरीना परवीन का कहना है कि नगर पालिका ने स्कूल के बाहर कूड़ाघर बना रखा है। इस कूड़ाघर को हटाने के लिए कई बार पत्र लिखा, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। गंदगी से परेशान हैं।
पूरे साल गंदगी से रहते हैं परेशान
प्राथमिक पाठशाला, मर्दन नाका की शिक्षामित्र शहनाज कुरैशी ने बताया कि गंदगी की वजह से स्कूल के स्टाफ और बच्चों को बहुत परेशानी होती है। पूरे साल यहां गंदगी पड़ी रहती है। स्कूल के बाहर निकलते ही नाक दबाकर निकलना पड़ता है।
गंदगी से बीमार हो रहे हैं शिक्षक
प्राथमिक शिक्षक संघ नगर अध्यक्ष नारायण दास गुप्ता का कहना है कि नगर में विद्यालयों के सामने कूड़े का ढेर बच्चों और शिक्षकों को बीमार करता है। गंदगी और दुर्गंध से विद्यालय का शैक्षिक माहौल नहीं बन पाता। इन्हें हटाया जाना आवश्यक है।
विद्यालयों के बाहर बने कूड़ाघरों को हटाने के लिए शीघ्र प्रयास करेंगे। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कूड़ाघर हटवाने का अनुरोध करेंगे। -हरिश्चंद्र नाथ, बीएसए, बांदा।
नगर पालिका ईओ का चार्ज हाल ही में लिया है। प्राथमिक पाठशालाओं के बाहर कूड़ाघर होने की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी। -सुधीर कुमार, एसडीएम सदर/प्रभारी ईओ नगर पालिका, बांदा।
जरीना परवीन।- फोटो : BANDA
सुभा प्रजापति।- फोटो : BANDA
नारायणदास गुप्ता।- फोटो : BANDA