फोटो - 16 अमलोर गांव में हैंडपंप से पानी भरते ग्रामीण। संवाद
जसपुरा/ पैलानी/ तिंदवारी। बीते चार दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट बना हुआ है। इससे गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई है। ग्रामीण एक-एक बाल्टी पानी को मोहताज हैं। जरूरी कार्यों के लिए उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाना मजबूरी बन गई है।
बीते बृहस्पतिवार की देर रात जनपद में आए आंधी तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हाल यह है कि अभी तक लोग इससे उबर नहीं पा रहे। आंधी से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में टावर, बिजली पोल और तार टूट गए। इससे पूरे जिले में बिजली संकट बन गया। शहरी क्षेत्रों में दो दिन बाद समस्या कुछ हद तक दूर हो पाई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बुरे हाल है। बीते चार दिनों से कई गांवों में बिजली के दर्शन नहीं हुए। इससे वहां जल संकट भी उत्पन्न हो गया है।
जसपुरा क्षेत्र के कई गांवों में चार दिन से बिजली नहीं आई। बिजली न होने से मोटर और सबमर्सिबल पंप बंद हैं। सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए भटकना पड़ता है। पैलानी क्षेत्र के अमलोर गांव में बीते 13 दिनों से जलसंकट है। बृहस्पतिवार की आंधी से हालात और भी खराब हो गए हैं। गांव के पूर्व प्रधान जयकरण, शारदादीन, केशव गुप्ता आदि ने बताया कि गांव में ट्यूबवेल से पीने के पानी की आपूर्ति होती है। बिजली न आने से चार दिनों से संकट और बढ़ गया है। ग्रामीण दूर-दराज से बाल्टी, ड्रमों में पानी भरकर लाते हैं।
वहीं सोमवार को तिंदवारी क्षेत्र में हालात कुछ सामान्य हुए हैं। आंधी की चपेट में आकर क्षेत्र के करीब सौ से ज्यादा बिजली पोल और तार टूट गए थे। तीन दिन तक लोग बिजली के लिए तरसते रहे। सोमवार दोपहर बिजली आपूर्ति होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
फोटो - 16 अमलोर गांव में हैंडपंप से पानी भरते ग्रामीण। संवाद