अतर्रा (बांदा)। नगर में संचालित कान्हा गोशाला में अव्यवस्थाओं का आखिर डीएम ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर एसडीएम और ईओ गोशाला पहुंचे और हकीकत देखी। लापरवाही मिलने पर गोशाला प्रभारी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
गोशाला में तैनात सभी 14 कर्मचारियों को हटा दिया गया। इन कर्मचारियों का भी मानदेय रोका गया है। बदौसा रोड में नगर पालिका की ओर से संचालित कान्हा गोशाला में चार मवेशियों की भूख और बीमारी से मौत हो जाने की खबर अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की।
इसके बाद नगर पालिका व प्रशासन में हलचल मच गई। डीएम ने खबर का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर गुरुवार की सुबह एसडीएम रावेंद्र सिंह व ईओ नीलम चौधरी कान्हा गोशाला पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां फैली अव्यवस्थाएं और लापरवाही देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
ईओ ने नगर पालिका के लिपिक व गोशाला प्रभारी संतोष निगम का एक माह का वेतन रोकने का आदेश दिया। गोशाला की साफ-सफाई, रखरखाव और चिकित्सा व्यवस्था में की गई लापरवाही पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
गोशाला में कार्यरत सभी 14 कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह नए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। गोशाला से हटाए गए कर्मचारी राहुल, बाबूलाल, जितेंद्र, चंदन, बुंदेल, शैलेश, वीरेंद्र, रामरतन, श्यामलाल, साजन, रामपाल, गेंदालाल, संदीप और वीरेंद्र का वेतन भी अग्रिम आदेश तक रोक दिया व स्पष्टीकरण मांगा है।
दीपावली के पहले से ड्यूटी से नदारद आउटसोर्सिंग कर्मचारी चंदन की सेवा समाप्त कर दी। मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके वैश्य व ठेकेदार हर्षित मिश्रा आदि उपस्थित रहे।