Engineer absent during flood season
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बांदा। केन नदी में बाढ़ लाने वाले बरियारपुर बांध/वियर मानसूनी मौसम में भी सतर्क निगरानी से वंचित हैं। कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मी बांधों का जिम्मा संभाले हैं। सिंचाई विभाग के अभियंता नदारद हैं। यह आरोप सपा नेताओं ने लगाया।
शुक्रवार को सपा नेताओं ने मध्य प्रदेश में स्थित बरियारपुर बांध का मौके पर जाकर जायजा लिया। नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू और पूर्व जिला उपाध्यक्ष अशोक सिंह गौर के नेतृत्व में सपा नेताओं ने शुक्रवार को दोपहर बरियारपुर बांध का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि क्रस्टवाल से पानी उफना रहा है। मध्य प्रदेश में बारिश भी हो रही है। कभी भी बाढ़ आ सकती है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के कोई अभियंता वहां नहीं मिले। चंद कर्मचारी ही मौजूद थे। जबकि 15 जून से अभियंताओं को यहां लगातार रहना चाहिए।
सपा नेताओं ने बांध की क्रस्टवाल, फाटक और अन्य भवनों के भी मरम्मत की मांग की। उधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कमल कुमार ने बताया कि तीन विभागीय और दो प्राइवेट कर्मी लगातार बांध पर तैनात हैं। वायरलेस सेट भी लगाया गया है। अवर अभियंता और वह खुद समय-समय पर बांध का भ्रमण करते हैं।
क्रस्टवाल से गिर रहा 1000 क्यूसिक पानी
बांदा। सिंचाई विभाग (केन नहर प्रखंड) अवर अभियंता धीरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को बरियारपुर की क्रस्टवाल से 1000 क्यूसेक पानी उफनाकर केन नदी में गिर रहा था। बांध का जलस्तर 607.4 फीट पर है। मुख्य केन नहर में 1775 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अवर अभियंता ने बताया कि उनके पास दो डिवीजन का चार्ज है। दोनों जगह ड्यूटी दे रहे हैं। बांध में भी जाते हैं। (संवाद)