जसपुरा। एक सप्ताह पूर्व आंधी-तूफान से बड़ी संख्या में बिजली पोल और तार टूटकर गिर गए। इससे जिले के बड़े भाग पर बिजली संकट उत्पन्न हो गया। एक सप्ताह बाद भी गांवों में बिजली संकट बना हुआ है। इससे आमजन सहित किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि जल्द ही सुधार नहीं होता तो खरीफ फसलों की बोआई पर असर पड़ेगा।
आंधी-तूफान का असर अब किसानों की खेती पर पड़ने लगा है। क्षेत्र के कई गांवों में निजी नलकूपों की विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई व्यवस्था ठप है। इससे किसान ज्वार, मक्का समेत खरीफ सीजन की फसलों की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने विद्युत विभाग से जल्द पोल और ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की है।
जसपुरा कस्बा निवासी किसान नवलकिशोर प्रजापति ने बताया कि उनके अमरहिया हार स्थित निजी नलकूप का बिजली पोल आंधी में टूटकर गिर गया था। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पोल नहीं लगाया गया है, इससे वह ज्वार और मक्का की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। सिकहुला गांव के विक्रम सिंह के निजी नलकूप का पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त है। बरेहटा गांव निवासी रामकरन निषाद ने बताया कि महेंद्रा हार में दो बिजली पोल टूटे पड़े हैं।
राजेश के महानंदा हार में दो, कल्लू सिंह के पटिया हार में एक, बुद्धराज सिंह के बढ़िया हार में एक, भूरा निषाद उर्फ अंग्रेज के गयरी हार में दो तथा इंद्रराज निषाद के गयरी हार में तीन बिजली पोल गिरे हैं। गौरीकला गांव के किसान प्रहलाद और भूरा के गढ़हार क्षेत्र में भी दो बिजली पोल तथा एक ट्रांसफार्मर आंधी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसान नलकूप नहीं चला पा रहे हैं, जिससे खेतों की तैयारी और खरीफ फसलों की बोआई प्रभावित हो रही है।
इस संबंध में एसडीओ ज्ञानेश सिंह ने बताया कि आंधी से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई है। सुधार के लिए कार्य जोरों पर चल रहा है। जल्द ही कमियां दूर कराई जाएंगी।