निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना देकर विरोध जताया और ज्ञापन दिया। चेतावनी दी कि सरकार ने निर्णय वापस न लिया तो 27 मार्च कार्य बहिष्कार होगा।
सोमवार बिजली अभियंता संघ राज्य विद्युत परिषद, जूनियर इंजीनियर संगठन, बिजली कर्मचारी संघ समेत कई संगठनों ने चिल्ला रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना दिया। राज्य सरकार द्वारा पांच महानगर लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ व मुरादाबाद और 7 जनपद रायबरेली, मऊ, बलिया, उरई, इटावा, कन्नौज व सहारनपुर की बिजली निजीकरण किए जाने पर रोष जताया।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज् ञापन में कहा कि बिजली का निजीकरण जनविरोधी फैसला है। इसकी बजाए उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को आपूर्ति का पूर्ण दायित्व सौंप दिया जाए। प्रदर्शन व ज्ञापन में अभियंता संघ के कुमार सौरभ, हिमांशु यादव, पीयूष द्विवेदी, अमित यादव, जेई मोहम्मद सिद्दीक अहमद, मुकेश चौरसिया, कामता प्रसाद, सुनील पटेल, विवेक सिंह, राजेंद्र शाह, कर्मचारी संघ के अनिल यादव, विजय शंकर, कमाल अहमद, संतलाल, सुरेश सिंह, रवि श्रीवास्तव, अजय धुरिया, मोहनलाल, लखनलाल पटेल, सुशील कुमार, जितेंद्र कुमार, श्यामबहादुर पाल, पवन, दीपक श्रीवास्तव, धर्मेंद्र दिवाकर, सुनील चक्रवर्ती आदि मौजूद रहे।