बांदा। पंचायत चुनाव में महिला दावेदारों की भी खासी संख्या है। हालांकि कुछेक को छोड़कर अधिकांश महिला प्रत्याशी सिर्फ मुखौटा हैं। उनके प्रचार की कमान उनके घर के पुरुषों के हाथ में है। ऐसे में साफ है कि जीत के बाद महिलाएं घर का कामकाज निपटाएंगी और उनके पति या पुत्र गद्दी चलाएंगे।
पंचायत चुनाव मतदान की उल्टी गिनती शुरू हो गई। अब सिर्फ दो दिन ही शेष हैं। 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पंचायत चुनाव में 7402 पदों के लिए 16,539 प्रत्याशी मैदान में हैं। डीडीसी की 30 में 10 सीट, ग्राम प्रधान की 469 में 160 और ब्लाक प्रमुख की आठ में तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार भी जीत के लिए पूरी ताकत झोंके हैं। इनमें तमाम महिलाएं ऐसी हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि उनसे ज्यादा मेहनत उनके पति, पुत्र, पिता आदि कर रहे हैं।
हर जतन के साथ अपनी जीत पक्की करने में तुले हैं। प्रचार-प्रसार के लिए गांवों की गलियों में दिन-रात एक किए हैं। ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य पद पर ज्यादा होड़ है। महिला दावेदार सिर्फ मुखौटा साबित हो रही हैं। उनके स्थान पर उनके पति प्रचार की पूरी कमान संभाले हैं। इसमें खासकर राजनीतिक संगठनों से जुड़े और सत्तारूढ़ दल के नेता ज्यादा हैं। मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे भी अपना रहे हैं।
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ग्राम प्रधान पद के दावेदार---
बड़ोखर खुर्द ब्लाक, पद-58, प्रत्याशी-803, महुआ-75, 1044, बबेरू-61-887, कमासिन-55-790, जसपुरा-32-432, बिसंडा-49-854, तिंदवारी-56-702, नरैनी-83-1273
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जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों का ब्योरा
बड़ोखर ब्लाक, प्रत्याशी-94, महुआ-47, बबेरू-79, कमासिन-58, जसपुरा-37, बिसंडा-65, तिंदवारी-49, नरैनी-38
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संक्रमित प्रत्याशी के प्रचार से खौफ
अतर्रा। बिसंडा ब्लॉक क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत में कोरोना संक्रमित प्रत्याशी द्वारा घर-घर प्रचार करने से ग्रामीणों में भय बना है। ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना संक्रमित प्रत्याशी गांव में अपने समर्थकों के साथ दिन-रात घर-घर प्रचार कर रहे हैं। पिछले हफ्ते प्रत्याशी की संक्रमित होने की रिपोर्ट आई थी।