बांदा। कोरोना संक्रमण का कहर और भीषण गर्मी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मतदान में आड़े नहीं आई। यही वजह है अबकी गांव की सरकार बनाने के लिए बृहस्पतिवार को मतदान केंद्रों में जमकर वोट बरसे। देर रात तक चले मतदान के बाद जनपद में कुल 65.98 फीसदी वोट पड़े। अबकी पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्राम प्रधान, डीडीसी, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य पद पर एक साथ चुनाव कराया है।
2015 में चार चरणों में ब्लाकवार पंचायत चुनाव हुए थे। यहां प्रत्येक चरण में दो ब्लाक शामिल थे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे आखिरी चरण में 29 अप्रैल (बृहस्पतिवार) को हुए मतदान में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार के चलते प्रतिशत में गिरावट के आसार थे, लेकिन इसके उलट हुआ। मतदान के लिए निर्धारित 11 घंटे की अवधि में मतदाताओं ने गांव की सरकार चुनने में खास दिलचस्पी दिखाई। मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही मतदान केंद्रों में लंबी लाइनें लग गईं। दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत का ग्राफ भी बढ़ने लगा। हालांकि दोपहर को मतदान में कुछ सुस्ती आई।
शाम होते ही फिर बूथों में मतदाताओं का जमघट लग गया और देर रात तक पड़े वोटों से मतदान प्रतिशत का आंकड़ा 65.98 पहुंच गया। प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के आठ ब्लाकों में बड़ोखर ब्लाक में सबसे ज्यादा 67.92 प्रतिशत मतदान हुआ, दूसरे नंबर पर नरैनी ब्लाक 67.05 फीसदी वोटों संग और तीसरे नंबर पर महुआ ब्लाक 67.04 प्रतिशत के साथ रहा, जबकि सबसे कम 63.36 फीसदी मतदान जसपुरा ब्लाक में हुआ। 2015 में यहां ग्राम पंचायत का चुनाव चार चरणों में हुआ था। प्रत्येक चरण में दो ब्लाक शामिल थे। पिछले चुनाव में पूरे जनपद में लगभग 65 फीसदी मतदान होना बताया गया है।
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ब्लाकवार मतदान प्रतिशत---
बड़ोखर खुर्द ब्लाक-67.92 प्रतिशत मतदान, नरैनी-67.05, महुआ-67.04, तिंदवारी-66.97, कमासिन-65.06, बबेरू-64.39, बिसंडा-63.99, जसपुरा-63.36, औसत योग-65.98 प्रतिशत।
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ग्राम प्रधान-469, जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी)-30, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी)-750, ग्राम पंचायत सदस्य-6153, कुल प्रत्याशी-11,535
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गांव मजबूत होंगे तो देश भी मजबूत बनेगा
गांव की सरकार के लिए युवा मतदाताओं ने पहली बार डाला वोट---सब हेड
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पढ़े-लिखे युवाओं ने गांव की सरकार के लिए हुए मतदान में जमकर हिस्सा लिया। मतदान केंद्रों में पहली बार वोट डालने आईं युवतियों में खासा उत्साह रहा। विभिन्न मतदान केंद्रों में वोट डालने पहुंची बेटियों का कहना था कि जाति-धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि गांव के विकास के लिए वोट करना चाहिए। गांव मजबूत होंगे तो देश और प्रदेश भी मजबूत होंगे।
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फोटो परिचय-21 : आरती देवी।
वह पहली बार वोट डाल रही है। वह गांव की सरकार के लिए चुनना पसंद करेंगी जो गांव के विकास में समय देगा। रुआब से प्रधानी न चलाकर ग्रामीणों का पूरा साथ दे।
-आरती, पतवन गांव
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फोटो परिचय-22-निशा सिंह
गांव का विकास कराने को पढ़े लिखे लोगों को ही आगे आना होगा। वह पहली बार मतदान करने आई है। खुशी है कि उन्हें एक अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने का अवसर मिला है।
-निशा सिंह, महोखर गांव
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फोटो परिचय-24-सादिया
व्यवस्थाओं से नाखुश गांव की पढ़ी लिखी लड़कियों ने भी मतदान में जमकर हिस्सा लिया। पहली बार मतदान करने आई ग्योरा मुगली की सादिया ने बताया कि गांव की सरकार पढ़ी लिखी जागरूक होगी तो विकास भी अच्छा होगा। कुछ इसी सोच को लेकर वह मतदान करने आई है।
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फोटो परिचय-23 : ज्योति व स्वाती
पहली बार मतदान करने आई ज्योति और स्वाती ने बताया कि मतदान को लेकर खासा उत्साह है। विकास कार्य कराने वाले प्रत्याशी को ही अपना पहला वोट करेंगी। गांव मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वह लोकतंत्र का हिस्सा बनने शामिल हुई हैं।