बांदा। हत्या आदि जघन्य अपराध करने व जनता को भयभीत कर आर्थिक व भौतिक लाभ लेने के गैंगेस्टर एक्ट के दोषी दो भाईयों को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर गुणेंद्र प्रकाश की अदालत में आठ-आठ वर्ष का कठिन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने बताया कि तत्कालीन एसओ बबेरू अभिमन्यु यादव ने 29 सितम्बर 2015 को बबेरू थाना मे रिपोर्ट दर्ज करायी कि वह अपने पुलिस हमराहियों के साथ देखभाल क्षेत्र व आगामी पंचायत चुनाव व रोकथाम जुर्म जरायम मुरवल गांव मे जनता के लोगों ने दबी जुबान से बताया कि मुरवल निवासी रामदत्त उर्फ बिक्की पुत्र जगदीश तिवारी का एक संगठित गिरोह है।
उसके सदस्य उसका भाई ब्रह्मदत्त उर्फ चाउ शातिर किस्म के अपराधी हैं। इन्होंने 20 अप्रैल 2014 को गांव के धर्मवीर व फूल कहार को सब्जी की दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस मुकदमे में आम जनता को गवाही न देने के लिए धमकाते हैं। इनसे जनता भयभीत है और आर्थिक व भौतिक लाभ लेने हेतु अकेले व सामूहिक रूप से हिंसा व हिंसा करने की धमकी देते हैं।
इस पर तत्कालीन एसओ ने जिलाधिकारी को आपराधिक चार्ट बनाकर उनके द्वारा अनुमोदन करने पर इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की गयी। मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। दोनों के विरुद्ध 24 जनवरी 2017 को आरोप बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान 5 गवाह कराए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपने 37 पृष्ठीय फैसले में दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। दोनों का सजायावी वारंट बनाकर पुनः जेल भेज दिया गया।