बदौसा। शार्ट सर्किट से लगी आग से आठ मकान व गृहस्थी खाक हो गई। दो कीमती मवेशियों की जलकर मौत हो गई। पानी न मिलने से दमकल कर्मी मूकदर्शक बने रहे। उत्तेजित ग्रामीणों ने फायर टैंकर फूंकने का प्रयास किया। बाद में ग्रामीणों व बांदा से पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू किया। कई ग्रामीण बुझाने में झुलस गए। कसबे के समीपवर्ती महुराई (दुबरिया) गांव में बुधवार को शाम करीब चार बजे बिजली की लाइन में हुई स्पार्किंग से शारदा प्रसाद कुशवाह के मकान में आग लग गई।
पड़ोसी राजेंद्र पुत्र रामचंद्र पटेल, पिंटू व मिथलेश पुत्रगण रामफल, बद्री पुत्र देवीदयाल, सुरेश व शिवकरन पुत्रगण विक्रम, चंद्रपाल पुत्र रामनारायण के मकान भी चपेट में आ गए। लगभग एक घंटे बाद अतर्रा से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। गांव में तालाब व ट्यूबवेल न होने से फायर ब्रिगेड को पानी नहीं मिला और वह लाचार खड़े रहे। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने दमकल वाहन को आग लगाने की कोशिश की तो चालक वाहन लेकर भाग निकला। उधर, बदौसा के पांच निजी ट्रैक्टर व टैंकरों से पानी ढोकर ग्रामीण आग बुझाने में जुटे रहे।
दो घंटे बाद जिला मुख्यालय से पानी भरकर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने ग्रामीणों के साथ आग पर काबू पाया। देर शाम तक फायर ब्रिगेड सुलगती आग बुझाने में जुटी रही। सबसे अधिक नुकसान राजेंद्र का हुआ। उसकी घर-गृहस्थी के साथ एक लाख रुपये कीमत की दो भैंसों की जलकर मौत हो गई। सुरेश व शिवबरन का थ्रेसर व इंजन जल गया। एसडीएम विनय कुमार पाठक, तहसीलदार राजेश कुमार, क्षेत्राधिकारी नरैनी डा.राकेश मिश्र समेत पुलिस कर्मी मौजूद रहे। आग बुझाने में गांव के ललित सुरेश, बुद्धविलास, महादेव आदि झुलस गए। आग बुझाने में ट्रैक्टर व टैंकर मालिकों ने भरपूर मदद की। शमीम, नसीम, राजू वाजपेयी, ललित पटेल, राजाभइया यादव अपने ट्रैक्टर व टैंकर लेकर यहां से ट्यूबवेलों से पानी ढोते रहे। महुराई गांव में हैंडपंपों के बूते आग बुझाना नामुमकिन था।