बांदा। निर्माण किए बगैर पुलिया का भुगतान कर दिया गया। जांच में दोषी पाने के एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। उपायुक्त श्रम रोजगार राघवेंद्र तिवारी ने बीडीओ नरैनी को भेजे पत्र में बदौसा निवासी नंद किशोर द्वारा मंडलायुक्त से की गई शिकायत का हवाला देकर कहा कि जांच में बिना पुलिया निर्माण के भुगतान व डिगबंधी के फर्जी भुगतान पाया गया है।
इस पर वर्ष 2020 को दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए थे, लेकिन एक वर्ष बाद भी कोई कार्रवाई या वसूली नहीं की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह में संबंधित दोषी प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक के विरुद्ध कार्रवाई कर अवगत कराएं। (संवाद)
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कार्यालय स्थापना में लापरवाही पर नोटिस
डीपीआरओ ने तीन दिन में मांगा वीडियो से जवाब
स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। डीपीआरओ सर्वेश कुमार ने पंचायत भवन/मिनी सचिवालयों में कार्यालय स्थापना न होने पर आधा दर्जन से अधिक ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।
डीपीआरओ ने बताया कि मिनी सचिवालयों में ग्राम पंचायत कार्यालय की स्थापना सहित पंचायत भवन का निर्माण, मरम्मत, आपरेशन कायाकल्प, जियोटैगिंग, सामुदायिक शौचालय हैंडओवर की कार्यवाही नहीं की गई है। इससे ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा इसमें रुचि न लिया जाना प्रतीत हो रहा है। जनपद की प्रगति खराब होने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। नोटिस दिए जाने वालों में जसपुरा ब्लाक के ग्राम विकास अधिकारी चंदन कुमार (अदरी, बरेंहडा, नारायणगढ़, नरजिता), आनंद मोहन शर्मा (गौरी खुर्द, महबरा, पड़ोहरा), नरैनी के योगेश कुमार (हड़हामाफी) शामिल हैं।
इसके अलावा विनय कुमार (बिल्हरका, छतैनी, लोधौरा, तुर्रा), बिसंडा के अजय पाल (बिलगांव, इटवा, उमरेंहडा), महुआ ब्लाक के ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार (इटर्रा खुर्द, काजीपुर, खानपुर, प्रेमपुर), अनुज गुप्ता (बांसी, बरईमानपुर, जरर, मुरवां), विचित्र वीर सिंह (बछेही, घुरौंडा, गुमाई), राजेश कुमार (नंदवारा, नौहाई, रीगा), शशि प्रकाश सिंह (बरसड़ा खुर्द, भसरौंड़, मनीपुर) और ग्राम विकास अधिकारी लाला भइया (हस्तम, नगनेधी, रहूसत, नंदना, सौता स्योढ़ा, सेमरिया मिर्दहा) आदि भी हैं।