बांदा। संभागीय परिवहन विभाग में वाहन टेस्ट सेंटर न होने और दलालों की सक्रियता घटने के कारण ड्राइविंग लाइलेंस भी नहीं बन पा रहे हैं। इस समय हर रोज एक से दो लाइसेंस ही जारी हो रहे हैं, जबकि आवेदन का औसत 100 से 150 तक है। पहले हर दिन 50 से 60 लाइसेंस बनते थे।
शहर के बबेरू रोड में पल्हरी में संचालित संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय में शासन के निर्देश के बाद सख्ती की गई तो इसका असर लाइसेंस जारी करने में नजर आ रहा है। पहले जहां दलालों के माध्यम से हर रोज 50 से 60 लाइसेंस बनते रहे हैं। वहीं अब दलालों के हटने के बाद दो या तीन लाइसेंस ही जारी हो रहे हैं। एआरटीओ शंकरजी सिंह ने बताया कि डीटीआई (मोटर टेस्ट इंस्टीट्यूट) न होने के कारण लाइसेंस कम जारी हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर टेस्ट लेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की भी कमी है। लोग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर रहे हैं, पर उन्हें लाइसेंस नहीं जारी हो रहे हैं। वह दलालों के हाथ-पैर जोड़ रहे हैं, पर दलालों की एक भी नहीं चल रही है। एक दलाल ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस समय उनकी फाइलें आफिस में नहीं ली जा रही हैं। इसलिए उनके पास दस-दस आवेदन पड़े हैं। (संवाद)