फोटो- 25 पुष्य नक्षत्र पर ज्वेलर्स की दुकान में खरीददारी करते लोग। संवाद
बांदा। दीपावली से पहले का यह सप्ताह व्यापारियों और खरीदारों दोनों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। मंगलवार की शाम को पुष्य नक्षत्र, अमृतसिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि और सिद्धि राजयोग का दुर्लभ महासंयोग बना। ज्योतिष के अनुसार यह काल किसी भी नई शुरुआत, धन निवेश या खरीदारी के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इसी शुभ घड़ी में जिले में बुधवार की शाम तक करीब सात करोड़ रुपये के व्यापार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित ओमबाबू तिवारी ने बताया कि पुष्य नक्षत्र की शुरुआत मंगलवार शाम 5:28 बजे से हुई है, जो बुधवार शाम 4:49 बजे तक रहेगा। इस दौरान ग्रहों की स्थिति अत्यंत शुभ मानी जा रही है। विशेषकर चल-अचल संपत्ति, वाहन, स्वर्ण-रजत आभूषण, और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की खरीदारी के लिए यह सबसे उत्तम मुहूर्त माना गया है। पं. ओम बाबू तिवारी के अनुसार पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदारी से लक्ष्मी कृपा बनी रहती है और आर्थिक स्थिरता मिलती है। इस नक्षत्र में किसी भी काम की शुरुआत या पूंजी निवेश दीर्घकालिक लाभ देने वाला होता है।
इधर, जिले के प्रमुख बाजारों में पुष्य नक्षत्र लगते ही शाम से चहल-पहल शुरू हो गई है। सोने-चांदी के आभूषण, टू-व्हीलर शोरूम और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। व्यापारी उत्साहित हैं कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। व्यापार मंडल अध्यक्ष अमित सेठ ने बताया कि इस नक्षत्र में लोग शुभ कार्य करना पसंद करते हैं। आभूषण, वाहन, भूमि पंजीकरण और गृह प्रवेश जैसी गतिविधियां बढ़ी हैं। ज्वैलर्स और वाहन विक्रेताओं ने भी आकर्षक ऑफर और छूट देकर ग्राहकों को लुभाना शुरू कर दिया है। ज्योतिष और आस्था के इस संगम में पुष्य नक्षत्र न सिर्फ खरीदारी का पर्व बना है, बल्कि यह व्यापार और समृद्धि की नई रोशनी लेकर आया है।
फोटो- 25 पुष्य नक्षत्र पर ज्वेलर्स की दुकान में खरीददारी करते लोग। संवाद