बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सूखे का असर धान खरीद लक्ष्य पर भी पड़ा है। इस वर्ष यहां सबसे कम 11 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है, जबकि पिछले साल 22 हजार और इसके पहले 34 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य था।
शासन के निर्देश पर पहली अक्तूबर से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद के लिए बैनर टांगकर प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं, लेकिन अभी धान खेतों में ही खड़ा है। इसे केंद्रों तक आने में माह भर से ज्यादा लग जाएगा।
कड़ी धूप और गर्म हवाएं धान की फसल को सुखा रही हैं। 60 फीसदी धान की पैदावार कम होने के आसार हैं। इसे देखते हुए शासन ने भी धान खरीद का लक्ष्य इस साल 50 फीसदी घटा दिया है। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा और चित्रकूट जनपद में ही धान का उत्पादन होता है।
बांदा में 11 हजार और चित्रकूट में एक हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। यह खरीद सिर्फ खाद्य विभाग करेगा। शासन ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में धान खरीद का लक्ष्य 22 हजार मीट्रिक टन और 2013-14 में 34 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया था।
एक बीघे में जहां 12 से 18 क्विंटल धान निकलता था, वहीं इस वर्ष पांच क्विंटल से भी कम होने के आसार हैं। उप निदेशक (कृषि) उमेशचंद्र कटियार के मुताबिक सामान्य तौर पर मंडल में 1.75 लाख मीट्रिक टन धान की उपज होती है, लेकिन सूखे की वजह से यह उत्पादन घटकर करीब 80 हजार मीट्रिक टन होने की संभावना है।
लक्ष्य घटा तो धान खरीद केंद्रों में भी कटौती कर दी गई। पिछले वर्ष 42 क्रय केंद्र थे। इस साल 31 केंद्र हैं। 11 की कमी कर दी गई। खाद्य विभाग व पीसीएफ के 5-5 केंद्र तथा यूपीएसएस के चार केंद्रों को खरीद की अनुमति मिली है। यूपी स्टेट एग्रो के चार व भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्रों पर खरीद होगी।
शासन से अभी सिर्फ खाद्य विभाग के लिए धान खरीद का लक्ष्य मिला है। सभी 31 खरीद केंद्रों पर तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। किसानों के भुगतान के लिए केंद्र प्रभारियों को पांच-पांच लाख रुपये उपलब्ध कराया गया है। धान तैयार होकर आने में अभी वक्त है। समय के मुताबिक लक्ष्य बढ़ाया जाएगा।
-अशोक कुमार, आरएफसी, चित्रकूटधाम मंडल।