बांदा। भीषण गर्मी में बिजली भी जल संस्थान का साथ नहीं दे रही है। रात में घंटों बिजली गुल होने पर ओवरहेड टैंक नहीं भर पाते हैं। इसका असर सुबह पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। शहर के अधिकांश इलाकों कहीं आधा घंटे तो कहीं 40 मिनट ही पानी मिल रहा है। आपूर्ति के समय बिजली गुल हो गई तो वह भी नहीं मिल पाता। पूरे दिन फिर लोग एक-एक बाल्टी पानी के लिए तरसते हैं।
शहर के कई इलाके पेयजल संकट वाले क्षेत्र में शामिल हो गए हैं। पानी के लिए लोग हैंडपंपों में नंबर लगाते हैं या फिर जिनके घरों में सबमर्सिबल लगे हैं, वहां एक-एक बाल्टी के लिए चिरौरी करते हैं। शहर के हाथीखाना मोहल्ला, सिविल लाइंस, क्योटरा, कटरा, छोटी बाजार, बन्योटा, मर्दननाका, खाईंबार, गुलाबबाग सहित कई वार्डों में 15 दिन पहले तक दोनों समय एक-एक घंटे के लिए पेयजल आपूर्ति होती रही है।
अब स्थिति यह है कि सुबह के समय कब पानी आया और चला गया, पता नहीं चलता। लोग नलों की टोटियों को निहारते रहते हैं। शहरवासियों का कहना है कि आधा घंटे की पेयजल आपूर्ति में पीने तक का पानी नहीं भर पाता है। अमर उजाला ने शहर के कई वार्डों में हकीकत जानी तो लोगों ने पेयजल संकट का दुखड़ा सुनाया।
शहरवासियों ने बताई परेशानी
-भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसते हैं। कभी 20 मिनट पानी आता है तो कभी 40 मिनट में ही चला जाता है। आपूर्ति के समय बिजली गई तो वह भी नहीं मिल पाता है। पूरे दिन कभी हैंडपंप तो कभी टैंकरों का इंतजार करते हैं।-दिनेश कुमार, गूलरनाका।
-गर्मी में इस समय पानी की सबसे बड़ी समस्या है। चार-छह बाल्टी पानी मिल जाए तो बड़ी बात है। पानी न मिलने से सबमिर्सबल वालों के हाथ -पैर जोड़ने पड़ते हैं, तब दो-तीन डिब्बा पानी मिलता है।-रेहाना बेगम, गुलाब बाग
-मोहल्ले में चौथा दिन है, कभी पानी आता है तो लाइट चली जाती है और बिजली रही तो पानी नहीं आता है। अधिकारियों से मोहल्लेवासियों ने कई बार सप्लाई बढ़ाने की गुहार लगाई, पर कुछ नहीं हुआ। -गुड़िया कुशवाहा, अलीगंज।
-हमारे मोहल्ले में पहले सुबह-शाम दोनों समय एक-एक घंटे पानी आता रहा है। अब इधर, गर्मी बढ़ने से एक समय भी पूरा पानी नहीं मिल पाता। पानी का संकट होने से पूरा परिवार परेशान रहता है।अखिलेश शिवहरे, सट्टन चौराहा
साढ़े सात लाख लीटर पानी की कमी
जल संस्थान शहर की सवा दो लाख आबादी के लिए केन नदी के जरिए हर रोज 23 एमएलडी (मिलियन डेली लीटर) पानी की आपूर्ति कर पा रहा है। जबकि, करीब 30 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। इसमें केन नदी से दस एमएलडी पानी मिल पाता है। इसकी भी जलधारा सूख रही है। बाकी का पानी नलकूपों व कुओं के जरिए लिया जा रहा है। रात में भूरागढ़ उपकेंद्र की बिजली बंद होने से इंटेकवेल व नलकूप नहीं चल पाते। इससे ओवरहेड टैंकों में पानी नहीं भर पाता। क्योटरा, अवस्थी पार्क,पुलिस लाइन सहित 17 पेयजल टंकियां हैं, जो खाली रहती हैं।
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वर्जन-
-गर्मी की वजह से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती है। इससे पूरे क्षमता से नलकूप व इंटेकवेल नहीं चल पाते हैं। बिजली विभाग ने पेयजल फीडरों में लोकल कनेक्शन दे रखे हैं। ओवरलोड होने से आए दिन इस लाइन में फाल्ट होते है। इसके बावजूद शहरवासियों को बेहतर पेयजल आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। राजेश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।