बांदा। राज्य कर्मचारी के रूप में समायोजित किए जाने की मांग लेकर ग्राम्य विकास विभाग कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश डीआरडीआए इंप्लाइज यूनियन बांदा यूनिट के आह्वान पर सोमवार को कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर वर्क टू रूल किया। शाम को विकास भवन गेट मेें मीटिंग की।
यूनियन अध्यक्ष शफीक खां ने कहा कि मुख्य मांग राज्य कर्मचारी के रूप में समायोजित किए जाने की है। यह लंबे अर्से से की जा रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की 23 अप्रैल 2015 को बैठक हुई थी।
इसमें निर्णय लिया गया था कि डीआरडीए कर्मियों को समायोजित राज्य कर्मचारी में शामिल किया जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने क बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ। वित्त विभाग अनावश्यक अनापत्तियां लगाकर रोड़ा अटका रहा है।
यूनियन महामंत्री प्रदीप निगम ने कहा कि उत्तराखंड और हिमांचल प्रदेश की तर्ज पर यूपी में भी समायोजित होना चाहिए, लेकिन सरकार के कुछ विभाग अड़ंगा अड़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री की मंशा के खिलाफ इस मामले को लंबित रखना चाहते हैं।
यूनियन नेताओं ने कहा कि छह मई तक रोजाना इसी तरह आंदोलन चलेगा। सात को कार्य बहिष्कार होगा। 10 को चित्रकूटधाम मंडल के सभी डीआरडीए कर्मी लखनऊ मेें जवाहर भवन से मुख्यमंत्री आवास तक निकाली जा रही रैली में शामिल होंगे।
आज के प्रदर्शन में अजीज मंसूरी, श्यामबाबू सोनी, कामद द्विवेदी, जगदीश कुमार, अनूप रावत, राजेश अग्रवाल, फर्रूख अहसन, अब्दुल वहीद, गजंफर हसन, कौशल किशोर दीक्षित, वीर बहादुर सिंह परिहार, नवल गुप्ता और राजित राम सिंह आदि शामिल रहे।