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शंका, क्रोध और अकेलेपन से मानसिक रोग

Sat, 06 Feb 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। किसी भी बात पर शक शुबहा, अत्यधिक क्रोध और अकेलापन मानसिक रोग पैदा कर देते हैं। शुरुआत इन्हीं हालात में होती है। इस पर नियंत्रण न करने से स्थिति उन्माद तक पहुंच जाती है।
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यह कहना है कि जिला अस्पताल की साइकोलाजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी का। उन्होंने शनिवार को महिला डिग्री कालेज में जिला अस्पताल के मानसिक विभाग द्वारा आयोजित गोष्ठी में छात्राओं को मानसिक रोगों के लक्षण और बचाव से आगाह कराया गया।

डॉ. रिजवाना ने कहा कि मानसिक रोग कई प्रकार के होते हैं। इसके लक्षणों में अत्यधिक साफ-सफाई, चीजों को रखकर भूल जाना और नींद न आना भी शामिल है।

डॉ. हरदयाल ने कहा कि समय रहते बीमारियों को पता लगाकर मानसिक रोग से बचा जा सकता है। मानीटरिंग अफसर नरेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि मानसिक रोग भी आम बीमारी की तरह होता है।
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जिला अस्पताल में नई बिल्डिंग में इसका इलाज होता है। कम्यूनिटी नर्स कीर्ति प्रभा पाल ने कहा कि भूत, प्रेत भी मानसिक रोग के लक्षण हैं।

स्टाफ नर्स त्रिभुवन नाथ ने बताया कि अस्पताल में इसके इलाज के लिए ओपीडी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को होती है। गोष्ठी में अनुपम त्रिपाठी सहित महाविद्यालय की प्राचार्य प्रभा श्रीवास्तव, प्रवक्ता डॉ. लक्ष्मी किशोर त्रिपाठी भी शामिल रहीं।
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