- विकास खंड व नगर निकायों में टीमें गठित, अपात्रों से होगी वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों का सत्यापन अब घर-घर जाकर किया जाएगा। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकास खंड और नगर निकायों में विशेष टीमें गठित की गई हैं। यह कदम पेंशन लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करेगा और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकेगा।
समाज कल्याण अधिकारी अभिषेक अवस्थी ने बताया कि जिले में लगभग 60 हजार वृद्धावस्था पेंशन धारक हैं। वर्तमान में, यह सत्यापन प्रक्रिया हर छह माह में ग्राम पंचायत सचिवों और प्रति वर्ष बैंकों के माध्यम से संपन्न होती है। शासन द्वारा जारी नए आदेशों के तहत, वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले टीमों का गठन कर वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों का सत्यापन कराया जाएगा। इन टीमों में विकास खंड स्तर पर विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें घर-घर जाकर पेंशनर की पात्रता, जीवित होने की स्थिति और अन्य प्रासंगिक जानकारी का सत्यापन करेंगी।
पिछले अक्टूबर माह में ग्राम पंचायत सचिवों और लेखपालों द्वारा किए गए सत्यापन में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। शहरी क्षेत्रों में 82 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1954 पेंशनर मृत या अपात्र पाए गए थे। सर्वाधिक मृत पेंशनर महुआ ब्लॉक में 357, नरैनी में 350 और बिसंडा में 294 पाए गए। इसी तरह, शहरी क्षेत्रों में 25 और गांवों में 26 पेंशनर अपात्र पाए गए। ऐसे अपात्र पेंशनरों और मृत पेंशनरों के आश्रितों को रिकवरी नोटिस भेजे गए हैं।
नई प्रणाली के लाभ
इस नई प्रणाली से सीधे लाभार्थी से संपर्क करने से जानकारी की सत्यता सुनिश्चित होगी। इससे मृत या अपात्र व्यक्तियों द्वारा पेंशन का दुरुपयोग रोका जा सकेगा। सत्यापन टीमों की जवाबदेही तय होगी, जिससे प्रक्रिया में सुधार होगा और वास्तविक लाभार्थियों तक पेंशन का लाभ पहुंचेगा।