अतर्रा (बांदा)। यहां राजकीय आयुर्वेदिक कालेज में तैनात डॉ. अमरनाथ को शासन ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। उन पर फर्जी प्रमाणपत्र/अभिलेखों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप है।
कालेज प्राचार्य डॉ. सीके राजपूत ने शासन के इस आदेश की पुष्टि की है। बर्खास्तगी पत्र में कहा गया है कि आजमगढ़ निवासी डॉ. अमरनाथ का चयन वर्ष 2011 में शरीर क्रिया विभाग में प्रोफेसर पद पर हुआ था।
विभिन्न कालेजों में तैनाती के बाद वे इस समय यहां तैनात हैं। वाराणसी निवासी सुशील कुमार दुबे की शिकायत पर शासन ने जांच समिति गठित की थी। इसमें उन्हें फर्जी अभिलेखों से नौकरी पाने का दोषी पाया गया।