अशोक लाट में अनशन पर बैठा बबेरू का परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। मासूम बच्चों और महिलाओं के साथ दो परिवार अलग-अलग मांगों को लेकर स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में पिछले एक हफ्ते से खुले आसमान तले अनशन पर बैठे हैं। न तो अफसरों को परवाह है न नेताओं को फुर्सत। ईद जैसा त्योहार भी इन परिवारों ने अनशन में ही बिता दिया।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र में कमासिन रोड निवासी इमामन पत्नी सरवर पूरे परिवार के साथ चार जुलाई से अनशन पर बैठी है। उसका कहना है कि अपने निजी घर में मुर्गी फार्म खोले है। इसी से गुजारा कर रही है। 23 जून को दोपहर पतवन गांव के कुछ दबंगों के साथ बबेरू कोतवाली पुलिस वाले आए और मुफ्त में मुर्गा मांगा।
न देने पर उसके यहां काम करने वाली जमीला को मारापीटा और कपड़े फाड़ दिए। घर में रखे 50 हजार रुपये और कुछ जेवर ले गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उधर, इस बाबत बबेरू कोतवाली के उप निरीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक छुट्टी पर हैं। उनकी जानकारी के मुताबिक अनशन पर बैठे परिवार ने उल्टा पुलिस के साथ अपने घर में मारपीट की है। दो उप निरीक्षकों को बंधक बना लिया। फोर्स के जाने के बाद उन्हें छुड़ाया गया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी है।
अनशन पर बैठा दूसरा परिवार गिरवां थाना क्षेत्र के इस्लामपुर गांव का है। अनशन पर बैठे यूसुफ अली ने बताया कि उसकी पत्नी इदिया की पीट कर हत्या कर दी गई थी। इसमें आशिया पत्नी मुमताज, शफ्फो पत्नी महबूब, अनीसा पत्नी अली हुसैन और नसिबिया पत्नी अब्दुल रहमान (इस्लामपुर) के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज है।
इस घटना में अली हुसैन और महबूब अली भी शामिल हैं। लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। गिरवां थाना पुलिस सुलह के लिए दबाव और धौंस-धमकी दे रही है। आशिया, शफ्फो और अनीसा को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। उनकी गिरफ्तारी हो और गवाहों की सुरक्षा की जाए। उधर, गिरवां थानाध्यक्ष ने अपना फोन रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।