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कटाई में हंसिया, फावड़ा आदि न बदलें

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बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा कुलपति डा.यूएस गौतम ने बुंदेलखंड के किसानों को सलाह दी है कि कोरोना के मंडराते संकट से खुद बचते हुए खेतीबाड़ी का काम निपटाने के लिए सावधानी और दिशा-निर्देशों पर अमल करें। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के समय एक-दूसरे के बीच एक मीटर की दूरी बनाए रखें। हंसिया-फावड़ा आदि उपकरण आपस में न बदलें। महानगरों से लौटे मजदूरों को कम से कम 14 दिन के बाद ही काम पर लें। कटाई आदि के दौरान समय-समय पर हाथों को धोते रहें। भोजन भी अलग बैठकर करें।
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कुलपति ने प्रदेश सरकार के निर्देशों का हवाला देकर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि फसल के अलावा दूध, मछली, अंडा, सब्जी आदि के विपणन में भी उपरोक्त सावधानियां बरतें। कहा कि बुंदेलखंड में लगभग 55 फीसदी क्षेत्रफल खरीफ में खाली रहता है। इसे नई तकनीक से फसल के उत्पादन में ला सकते हैं। बुंदेलखंड में खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ाने की अपार संभावना है। इस दिशा में विश्वविद्यालय भी प्रयास करेगा। किसानों से कहा कि मौजूदा महामारी की राष्ट्रीय चुनौती का सामना संयम और धैर्य से करें।
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