बांदा। बरात से लौटते समय तेज रफ्तार पिकअप शुक्रवार की रात सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इसमें सवार दो बरातियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य पिकअप सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, एक अन्य घटना में अनियंत्रित बाइक खाईं में गिरने से दूल्हे के मामा की मौत हो गई। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए था।
शहर कोतवाली क्षेत्र के निम्नीपार से रमेश कुमार की बरात शुक्रवार को कमासिन गई थी। टीका आदि की रस्म अदा होने के बाद करीब 10 बराती डीजे साउंड से लदे पिकअप में वापस बांदा आ रहे थे। रात करीब तीन बजे कमासिन से लगभग पांच किलोमीटर पहले तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। निम्नीपार निवासी रामस्वरूप का बेटा बबलू (21)और कहला गांव निवासी रामरतन का बेटा इंद्राज (30) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दौरान हादसे में अन्य वाहन सवार घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिकअप में फंसे घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से बबेरू सीएचसी पहुंचाया। मामूली घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पांच गंभीर घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया गया। शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने बताया कि मृतक बबलू दो भाइयों में दूसरे नंबर का और अविवाहित था। इंद्राज चार भाइयों में बड़ा था। उसके तीन बेटा व दो बेटी हैं। दोनों मृतक मजदूरी करते थे। दूसरी घटना में बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरी खानपुर गांव निवासी वंशगोपाल का बेटा विनोद (30) शुक्रवार को शाम बाइक से गुरेहटन पुरवा भांजे की शादी में शामिल होने गया था। शुक्रवार की देर रात वापस घर आते समय गांव के नजदीक बाइक असंतुलित होकर सड़क किनारे खाईं में गिर गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार को सुबह चरवाहों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। मृतक के मोबाइल से उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
खेत में किसान ने फांसी लगाकर जान दी
अतर्रा। खेत में लगे पेड़ पर किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। थाना क्षेत्र के कुसुमा गांव निवासी नाथूराम वर्मा (48) शुक्रवार को खेत गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी खोजबीन की। खेत में लगे बबूल के पेड़ में अंगौछे के फंदे पर उसका शव लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम को भेजा। पिता रामआसरे का कहना है कि मृतक पिछले एक साल से मानसिक बीमार था। खेतीबाड़ी करके परिवार पाल रहा था। (संवाद)