बांदा। शहर से सटे दुरेड़ी के शतरंगपुर गांव के 50 से अधिक छात्र-छात्राएं अभिभावकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। जनता दरबार में कहा कि डीएम सर! गांव में लाइट नहीं है। केरोसिन भी नहीं मिल रहा है। सौ से अधिक बच्चे पढ़ाई के लिए परेशान हैं। उनके गांव में जल्द बिजली पहुंचाई जाए। शतरंगपुर गांव की आबादी करीब पांच सौ है। यहां के ग्रामीण बिजली के लिए लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। बुधवार को गांव के बच्चे शैलेंद्र पाल, रामऔतार, कपिल, नीरज, विमला, मनीष, मोहित, पूजा,अमिताभ, आकांक्षा, प्रियंका, नीतू, सोनम, आर्यन, आकाश, प्राशू आदि ने डीएम से कहा कि वह पढ़ लिखकर आगे बढ़ना चाहते हैं, पर बिजली के बिना पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
दिन में स्कूल में पढ़ाई करते हैं। शाम से अंधेरा हो जाता है। ऐसे में सौ से अधिक बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। कोटे में केरोसिन भी नहीं मिल रहा है। जल्द बिजली की लाइन खिंचवाने के लिए
अधिकारियों को निर्देशित करें। डीएम नगेंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल फोन पर बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और बच्चों को पखवारे भर के अंदर गांव में बिजली लाइन खिंचवाने का भरोसा दिया।द