बांदा। नए मंडलायुक्त गौरव दयाल ने अपनी पहली समीक्षा बैठक में ही अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर तेवर दिखाए। मंडल के चारों जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इसे सख्ती से रोका जाए। हरेक नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में कम से कम एक मॉडल सड़क निर्माण कराने का निर्देश दिया।
हाल ही में पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को मयूर भवन सभागार में पहली मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में आयुक्त ने कहा कि किसी भी जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिए। डीएम इसके लिए प्राथमिकता से काम करें। पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि सड़कों पर डीएम की अनुमति के बिना स्पीड ब्रेकर नहीं बनने चाहिए। अनावश्यक बने स्पीड ब्रेकरों को तत्काल हटवा दिया जाए।
बांदा शहर में महाराणा प्रताप चौक से सर्किट हाउस तक की सड़क को घटिया बताते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि योजना बनाकर सभी गांवों में मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के काम कराएं। इसकी अलग समीक्षा करें। ग्राम पंचायतों के व्यय की समीक्षा और पैसा खर्च न करने वाली पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
फसल बीमा क्षतिपूर्ति में बहानेबाजी कर रही बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा। स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक पीएचसी और सीएचसी में नियमित निरीक्षण और डाक्टरों की उपस्थिति देखने के निर्देश दिए। एंबुलेंस में होने वाली सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं? यह भी देखने को कहा। जिलाधिकारियों से कहा कि पेयजल योजनाओं का सत्यापन करते रहें।
खाद्य सुरक्षा योजना की शत-प्रतिशत आधार फीडिंग, धान बेचने वाले किसानों का समय से भुगतान, गोशालाओं में चरही का निर्माण और गोबर खाद खरीद की व्यवस्था के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी हीरा लाल (बांदा), शेषमणि पांडेय (चित्रकूट), अवधेश कुमार तिवारी (महोबा), ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (हमीरपुर) सहित सीडीओ हरिश्चंद्र (बांदा), डा.महेंद्र कुमार (चित्रकूट), हीरा सिंह (महोबा), आरके सिंह (हमीरपुर) सहित अपर निदेशक (पशुपालन) डा.एके सिंह, जेडीसी वीके सिंह, वन संरक्षक केके सिंह, जेडीसी लालजी यादव, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी, उप निदेशक सूचना भूपेंद्र सिंह यादव आदि मंडलीय अधिकारी उपस्थित थे।