बांदा। बालू डंप की आड़ में चल रहे अवैध खनन और कारोबार पर लगाम लगाने के लिए बुधवार को जिले के कई इलाकों में खदानों और डंप स्थलों पर डीएम ने छापे मरवाए। खुद भी डीएम ने डंप स्थल का निरीक्षण किया। गिरवां क्षेत्र में डीएम ने डंप में कई अनियमितताएं पकड़ीं। अन्य क्षेत्रों मेें एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदारों ने निरीक्षण किए।
डीएम अमित बंसल ने दोपहर को गिरवां क्षेत्र में डंप परमिट धारक अतुल मोहन द्विवेदी के भंडारण स्थल का निरीक्षण किया। मुख्य मार्ग से डंप स्थल 19 मीटर दूरी पर है, जबकि नियमानुसार कम से कम 50 मीटर दूर होना चाहिए। यहां कोई सीसीटीवी कैमरे लगे नहीं मिले। न ही बालू की दर का बोर्ड लगाया गया। शर्तों के अनुसार डंप स्थल पर कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं थे। छानबीन में डीएम को यह भी पता चला कि यह डंप अभी हाल ही में किया गया है। डीएम ने बताया कि शर्तों के उल्लंघन पर डंप परमिट धारक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण एसडीएम नरैनी वंदिता श्रीवास्तव, नरैनी तहसीलदार और खनिज अधिकारी भी मौजूद थे।
उधर, डिप्टी कलक्टर व खनिज अधिकारी ने तिंदवारा गांव के पास राफेल वेंचर के प्रोपाइटर रजनीश कुमार मिश्रा द्वारा डंप की गई बालू का निरीक्षण किया। यहां उन्हें ज्यादातर दुरुस्त मिला, लेकिन फार्म-सी के तहत निकासी कम पाए जाने पर डीएम ने उक्त दोनों अधिकारियों को जांच करके तथ्यों सहित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि बालू-मौरंग के भंडारण के लिए 15 अक्तूबर तक लाइसेंस दिए गए हैं। उनकी जांच के लिए टीम गठित की गई है।