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बांदा। गेहूं खरीद का पहला दिन नीरस रहा। जिले के 65 खरीद केंद्रों में पहले दिन बोहनी नहीं हुई। अधिकांश खरीद केंद्रों में कुछ ही देर बाद ताले पड़ गए। मजदूरी की आस में आए मजदूर भी बैरंग लौट गए। अलबत्ता जन सुविधा केंद्रों में किसानों ने रजिस्ट्रेशन की शुरूआत करा दी।
मंडी समिति परिसर में विपणन शाखा के तीन, भारतीय खाद्य निगम का एक, पीसीएफ के तीन और यूपीएसएफ के दो केंद्र खुले हैं। इन सभी में पहला दिन सन्नाटे में बीता। विपणन शाखा केंद्र प्रभारी पंकज कुमार केंद्र में बैठे रहे। कांटा, ठंडा पानी और छाया का पर्याप्त इंतजाम रहा। कमोवेश यही नजारा एफसीआई के केंद्रों में रहा। यहां केंद्र प्रभारी महेशचंद्र राठौर किसानों का इंतजार करते रहे, पर कोई नहीं आया।
खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने से पहले जन सुविधा केंद्रों में पंजीकरण की अनिवार्यता किसानों के लिए अड़ंगा साबित हो रही है। पहले ही दिन साइट न खुलने से तमाम किसान पंजीकरण नहीं करा सके। घंटों इंतजार के बाद लौट गए। जारी गांव के किसान मोनू त्रिवेदी ने बताया कि कचहरी स्थित सुविधा केंद्र में उसका काफी समय बर्बाद हुआ, लेकिन साइट न खुलने से रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका।
अतर्रा मंडी में भी नहीं खुला खाता
अतर्रा। मंडी समिति में भारतीय खाद्य निगम व पीसीएफ के दो-दो खरीद केंद्र खोले गए हैं। यहां पहले दिन एक भी किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचा। केंद्र प्रभारियों ने बताया कि आज पहला दिन है। कुछ दिन बाद खरीद शुरू होने लगेगी। उनकी तरफ से खरीद केंद्रों में तैयारी पूरी है। (संवाद)