पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद का जन्मदिन (यौमे विलादत) मनाने के लिए जुलूसे मोहम्मदी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 12 रबी अव्वल मरकजी कमेटी की बैठक में जुलूस के तौर-तरीके तय किए गए। डीजे और आतिशबाजी आदि पर रोक का एलान किया गया। हालांकि पिछले वर्ष भी कमेटी ने यह पाबंदियां लगाईं थीं, लेकिन अमल नहीं हुआ था।
खानकाह इंटर कालेज सभागार में सोमवार को देर शाम बैठक में बताया गया कि 12 या 13 दिसंबर को (चांद दिखने के मुताबिक) दोपहर 12:15 बजे कालवनगंज स्थित शेख सरवर साहब की मसजिद से जुलूसे मोहम्मदी शुरू होगा। एक दिन पूर्व जश्ने चिरागा के तहत शहर में रोशनी होगी। जुलूस के झंडों के मद्देनजर ऊपरी सजावट पर व जुलूस में डीजे और आतिशबाजी पर रोक लगाई गई है।
नशेड़ी या असामाजिक तत्व को जुलूस से दूर रखने को कहा गया है। मोहल्लों में होने वाली सजावट के आयोजकों से भी म्यूजिकल सीडी या धमाकेदार पटाखे इस्तेमाल न करने को कहा गया। परचम 20 फिट से ज्यादा ऊंचा न हो। जुलूस अपने पुराने निर्धारित रूट से ही निकलेगा।
बैठक में समिति सरपरस्त अब्दुल हफीज फारुकी (चचा), शहर काजी मौलाना अकील मियां, हाजी मोहम्मद फारुक, अध्यक्ष इकबाल बहादुर खां, सचिव हाजी गुलाम मुस्तफा, डा. मोहम्मद शोएब, अंसार अहमद सिद्दीकी, एआईएमआईएम के वाजिद अली, अब्दुल वहीद, बाबू भाई, हाजी जाहिद अली, अजीजुस्मद, हमीद, नवाब मंसूरी, गुलफाम आदि रहे।