जिला पंचायत परिसर में एक-दूसरे से नोंकझोक करते अध्यक्ष व विधायक पक्ष के समर्थक।
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बांदा। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बजट पेश भी नहीं हो पाया कि सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। नोकझोंक बढ़ी तो अध्यक्ष, राज्यमंत्री, सदर व नरैनी विधायक बैठक छोड़कर बाहर आ गए। परिसर में अध्यक्ष और विधायक पक्ष की ओर से रायफलधारी 50 से ज्यादा समर्थक आमने-सामने आ गए। ब्लाॅक प्रमुख और अध्यक्ष के एक समर्थकों ने एक-दूसरे का काॅलर पकड़ लिया। विधायक के इशारे पर समर्थक शांत हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक मामला शांत कराया।
जिला पंचायत सभागार में शनिवार को बोर्ड बैठक बुलाई गई। बैठक में जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, सांसद कृष्णा पटेल, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा सहित सभी ब्लाॅक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल के निर्देश पर अपर मुख्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने 19 जुलाई को हुई पिछली बैठक की रिपोर्ट पेश की। इसके बाद वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट 35.34 करोड़ रुपये पेश किया गया।
जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास की कार्य योजना प्रस्तुत की। इसी बीच बजट को लेकर सदर विधायक पक्ष के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। बजट को समान रूप से बांटने का प्रस्ताव रखा। देखते ही देखते बात काफी बढ़ गई और तीखी झड़प शुरू हो गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष पर बबेरू क्षेत्र में ज्यादातर बजट खर्च करने का आरोप लगाया गया। अध्यक्ष ने बजट पर सफाई दी और बैठक छोड़कर निकल गए। उसी समय शोर-शराबे के बीच जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा और उनके समर्थक सदस्य भी बैठक छोड़कर नीचे परिसर में आ गए। बैठक में मौजूद अधिकारी भी बवाल बढ़ता देखकर धीरे-धीरे खिसक गए। नीचे परिसर में बड़ोखर खुर्द ब्लाॅक प्रमुख स्वर्ण सिंह सोनू और अध्यक्ष के समर्थक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज फोर्स के साथ पहुंचे और उन्होंने किसी तरह मामले को शांत कराया।