जिला पंचायत से जारी हुए टेंडरों की जांच शासन के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय समिति करेगी। डीएम ने अपर जिलाधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी और जिला विकास अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद से सपा के महेंद्र सिंह वर्मा को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाकर अध्यक्ष सीट पर बसपा के कब्जा कर लेने के बाद इन दिनों दलों के नेताओं के बीच जोर अजमाइश लगातार जारी है।
पिछले माह जिला पंचायत सदस्य भानु प्रताप सिंह द्वारा दायर की गई रिट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासन को कुछ दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बाद शासन ने डीएम को जांच के आदेश दिए।
पंचायती राज अनुभाग-दो (लखनऊ) संयुक्त सचिव अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने यहां डीएम को पत्र भेजकर 15 दिन के अंदर जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश पिछले माह दिए थे।
इस पर डीएम सुरेश कुमार ने जांच समिति गठित कर दी है। एडीएम, सीटीओ और डीडीओ समिति में शामिल किए गए हैं। इस समिति ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।