बांदा। लंबे अरसे से स्कूल में ड्यूटी से नदारद रहने
वाले बेसिक शिक्षा परिषद के पांच अध्यापकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त
कर दिया गया है। इनमें दो महिला टीचर भी हैं। बीएसए ओपी त्रिपाठी ने पांचों
शिक्षकों की सेवा समाप्ति के अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं।
बर्खास्त
होने वाले टीचरों में महुआ ब्लाक के पचोखर गांव में प्राथमिक विद्यालय-एक
के सहायक अध्यापक गौरीशंकर वर्मा 10 फरवरी 2009 में नियुक्त हुए थे। वह 26
जुलाई 2015 से स्कूल से अनुपस्थित है।
नोटिस देने पर स्पष्टीकरण
ठोस सबूत नहीं पाया गया। इसी तरह नरैनी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय चमारन
पुरवा में सहायक अध्यापक (परिवीक्षा अवधि) सुशील कृष्ण नामदेव की नियुक्ति 4
नवंबर 2015 को हुई थी।
वह 26 नवंबर 2015 से अनुपस्थित बताए गए हैं। स्पष्टीकरण में कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया। उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं।
बड़ोखर
ब्लाक के ददरिया गांव में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक विमल कुमार
त्रिपाठी 30 जुलाई 2010 में नियुक्त हुए थे। एबीएसए की रिपोर्ट के मुताबिक
वह 23 जुलाई 2015 से स्कूल से अनुपस्थित हैं। स्पष्टीकरण मांगे जाने पर भी
नहीं दिया।
उधर, बबेरू ब्लाक के भदौहा (पतवन) गांव में प्राथमिक
स्कूल की सहायक अध्यापक कुमारी वंदना गुप्ता की नियुक्ति 20 जुलाई 2013 को
हुई थी। वह 26 सितंबर 2015 से अनुपस्थित चल रही हैं। स्पष्टीकरण नोटिस का
जवाब भी नहीं दिया।
इसी तरह महुआ ब्लाक के गुमाई गांव में प्राथमिक
विद्यालय-दो में सहायक अध्यापक संगीता कुशवाहा 24 जुलाई 2013 को नियुक्ति
हुई थीं। वह 12 अगस्त 2015 से अनुपस्थित चल रही हैं। स्पष्टीकरण मांगा पर
जवाब नहीं दिया।
बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा इन सभी को तत्काल प्रभाव
से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सेवा समाप्ति आदेशों में कहा गया है कि
उपरोक्त टीचर सेवा में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे छात्र-छात्राएं अपने
मौलिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं।