अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जगह-जगह गोष्ठी व सभा कर महिलाओं के अधिकार और सशक्तीकरण पर चर्चा हुई। लिंग भेद और भ्रूण हत्या पर चिंता जताई। दुराचार, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न आदि रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने की मांग की।
बुधवार को महिला डिग्री कालेज में जिला विधिक साक्षरता शिविर आयोजित हुआ। विशेष न्यायाधीश (डकैती) हरीनाथ पांडेय ने शारीरिक हिंसा, मानसिक हिंसा, यौन हिंसा, आर्थिक हिंसा के बचाव व कारण की जानकारी दी। विशेष न्यायाधीश नरेंद्र कुमार झा ने महिला अधिकारों के बारे में बताया। सिविल जज मोहम्मद अहमद खां ने महिला साक्षरता पर जोर दिया। अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य प्रभा श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा व जागरुकता ही सशक्तीकरण की राह है।
डॉ. सबीहा रहमानी ने कविता सुनाई। तहसीलदार सुनील कुमार व डॉ. जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सैय्यदा जैदी, डा. माया वर्मा, डा.मनोरमा यादव, डा.राकेश कुमार शर्मा, डा.दाऊद अहमद, कालीचरन, मइयादीन आदि मौजूद रहे।
महिला चेतना सेवा संस्थान, पुलिस लाइन तिराहा ने गोष्ठी में गरीब महिलाओं को सशक्तीकरण समेत स्वास्थ्य, स्वच्छता मिशन, जीवन कौशल आदि के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष रुकमणी देवी ने डिजिटल साक्षरता की जानकारी दी।
एडीओ (बिसंडा) ओपी त्रिपाठी व जिला उद्योग केंद्र के एसके सूर्यवंशी ने महिला अधिकारों के बारे में बताया। मंजू सिंह, ममता द्विवेदी, आरती सिंह, आशमा, पुष्पा, पूनम यादव, चेतना गोयल, संगीता, निरंजन द्विवेदी, नंदकिशोर, संदीप, धीरेंद्र, किशन, प्रेमनारायण मिश्रा, देवशरण सिंह, कृष्ण कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।