इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच बांदा में स्थापित करने के लिए राजनीतिक कोशिशें शुरू हो गईं हैं। यह मांग संसद तक पहुंच गई है। इस पर इसी माह 23 मार्च को संसद में चर्चा होगी। उधर, सांसद के एक अन्य सवाल पर केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने फसलों का न्यूनतम समर्थन डेढ़ गुना किए जाने की मांग पर जानकारियां दी हैं।
बांदा-चित्रकूट से भाजपा सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने हाल ही में लोकसभा के सत्र में यह मुद्दा उठाया था। कहा था कि बुंदेलखंड के हजारों लोगों को इलाहाबाद जाना पड़ता है, जो काफी दूर है। समय और धन दोनों ही बर्बाद होते हैं। सांसद ने प्रस्ताव पेश किया कि बांदा जिले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित की जाए। लोकसभा सचिवालय में डायरेक्टर वीके मोहन ने सांसद को भेेजे पत्र में बताया है कि उनके इस प्रस्ताव पर 23 मार्च को संसद में चर्चा होगी। डायरेक्टर ने सांसद से अनुरोध किया कि वह संसद में उपस्थित रहें।
उधर, सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने अतारांकित प्रश्न के जरिये केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री से सवाल पूछा था कि क्या सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत मूल्य का डेढ़ गुना करने पर विचार कर रही है ? फसलों पर हुए व्यय सहित किसानों के श्रम को शामिल करने पर विचार हो रहा है? इस सवाल पर राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार (13 मार्च) को संसद में दिए लिखित उत्तर में बताया है कि केंद्र सरकार ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2017-18 के लिए 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा की है। इन फसलों में 14 खरीफ और 6 रबी तथा दो अन्य फसलें कोपरा और पटसन हैं।
यह भी कहा कि 2018-19 के लिए केंद्रीय बजट में अक्तूबर 2017 में रबी फसलों के लिए पहले से कार्यान्वित मूल्य नीति के अनुरूप ही फसलों के लिए भी एमएसपी को उत्पादन लागत के डेढ़ गुना के स्तर पर रखने की पूर्व घोषणा की गई है।