बैठक में बोलते जिला विकलांग जन विकास अधिकारी मुकेश कुमार गुप्ता,
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बांदा। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने निर्देश दिया कि मंडल के सभी जिलों में हर महीने जिलाधिकारी नि:शक्तों के साथ बैठक करके उनकी समस्या का निस्तारण करेंगे। नि:शक्तों को पहचान पत्र हर हाल में दिया जाएगा। जिला स्तर पर बैठक के बाद मंडल स्तर पर बैठक होगी। बुधवार को नि:शक्तों के बहुउद्देश्यीय पहचान पत्र बनाने के मंडल स्तरीय प्रशिक्षण में मंडलायुक्त ने कहा कि नि:शक्तों को लाभ दिलाना पुण्य का काम हैं। उन्हें उसका हक दिलाना सभी का नैतिक कर्तव्य है। विकलांग जन विकास विभाग के मंडलीय उप निदेशक एसएन त्रिपाठी ने मंडलायुक्त को भरोसा दिलाया कि चारों जनपदों में बहुउद्देश्यीय पहचान पत्र समय से बनाए जाएंगे।
समाजसेवी उमाशंकर पांडेय ने कहा कि अभी भी 10 प्रतिशत नि:शक्तों के पास विकलांग प्रमाणपत्र नहीं हैं। विकास भवन समेत कई सरकारी दफ्तरों के भवनों में रैंप नहीं बने हैं। जिला विकलांग जन विकास अधिकारी मुकेश कुमार गुप्ता ने विकलांग पेंशन, दुकान निर्माण और अन्य योजनाओं की जानकारी दी। दिल्ली से आए विकलांग कल्याण विभाग के नागेंद्र कुमार ने बहुउद्देश्यीय पहचान पत्र बनाने की तकनीकी बारीकियां विस्तार से बताईं। प्रशिक्षण में एडीएम गंगाराम गुप्ता, डीडीओ एसपी सिंह सहित चारों जिलों के जिला विकलांग जन विकास अधिकारी, अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. राकेश रमन इत्यादि शामिल रहे।