महादेवन गांव में रपटा ढहने से खेतों की जमीन में हो रहा कटान।
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बदौसा। दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रसिन बांध में भी फाटक के नीचे बड़ी कटान हो गई है। बांध अपनी क्षमता के मुताबिक इस वर्ष नहीं भरा जा सकेगा। बांध के डूब क्षेत्र में बसे हुड़ा, ब्यूर और शंकरडोढ़ी गांवों के लोगों ने अपने मकान नहीं छोड़े हैं। उनका कहना है कि उन्हें यहां से हटाने के बदले जो भूखंड दिए गए हैं वह बांध के मुख्य फाटकों के दाहिनी तरफ हैं। इन फाटकों के लिए नीचे इस बारिश में कटान शुरू हो गई है। ग्रामीणों को यह भय सता रहा है कि बांध टूट सकता है। ऐसे में उनकी जान भी जा सकती है। ग्रामीणों ने सुरक्षित आवास न मिलने पर डूब क्षेत्र छोड़ने से इनकार कर दिया है। बांध में क्षमता के मुताबिक 140 मीटर जलस्तर पहुंचने पर यह गांव पानी में डूब सकते हैं। इसीलिए डूब क्षेत्र वाले ग्रामीणों को दूसरी जगह आबाद करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों में हाल की कुछ घटनाओं ने दहशत और बढ़ा दी है। पिछले वर्षों सेमरडाढ़ गांव के मोहम्मद कैफ और रसिन गांव के रकेशी बांध के पानी में बह गए थे। इसी तरह महादेवन गांव के पास बने रपटा के बह जाने के बाद अब पानी ने नजदीकी खेतों में कटान शुरू कर दी है। खेतों की मिट्टी कटकर पानी में समा रही है। लघु सिंचाई विभाग के अभियंता फिलहाल जांच की बात कह रहे हैं।