अतर्रा। कोतवाली पुलिस ने वांछित चल रहे विद्याधाम समिति व चिंगारी संगठन के संचालक राजाभैया यादव को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेजा गया है। कोतवाली प्रभारी कुलदीप तिवारी ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट में फरार चल रहे अभियुक्त को 19 दिन बाद पकड़ा गया।
कस्बे के नरैनी रोड पर स्थित विद्याधाम समिति और चिंगारी संगठन के संचालक राजा भैया यादव सहित चिंगारी संगठन के 21 लोगों पर चित्रकूट जनपद के मानिकपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपहरण, बंधक बनाने, वीडियो वायरल करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, मारपीट करने और जंगल में बेहोशी की हालत में फेंकने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में पीड़िता ने दो फरवरी को अतर्रा कोतवाली में गंभीर धाराओं समेत आईटी एक्ट, एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही राजाभैया यादव फरार थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित महिलाओं द्वारा बांदा में अनशन भी किया जा रहा था। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद अनशन समाप्त कर दिया गया। गौरतलब हो कि राजाभैया यादव पर पहले से भी पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। न्यायालय से कोई राहत न मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
यह था मामला
अतर्रा। चित्रकूट जनपद के मानिकपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने दो फरवरी को अतर्रा कोतवाली में तहरीर देकर विद्या धाम समिति और चिंगारी संगठन के संचालक राजा भैया यादव समेत 22 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का आरोप था कि 14 दिसंबर की देर शाम बबेरू बस स्टैंड के पास से राजा भैया यादव और उनके सहयोगियों ने उसका अपहरण किया। इसके बाद उसे बंधक बनाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। महिला के साथ मारपीट कर उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और बेहोशी की हालत में जंगल में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट और एससी एसटी एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना सीओ अतर्रा प्रवीण कुमार यादव द्वारा की जा रही थी।