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Banda News: जेल अधीक्षक और बंदी रक्षकों के बयान लेने जेल पहुंचे डीआईजी

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- गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना की रिहाई के मामले की जांच तेज
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- एक कैमरा बंद मिलने पर जताई नाराजगी, तत्काल ठीक कराने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना की रिहाई के मामले की जांच कर रहे डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव ने रविवार शाम यहां मंडल कारागार में पहुंचकर जांच की। जेल अधीक्षक समेत बंदी रक्षकों के बयान लिए।

उन्होंने रवि काना बैरक नंबर तीन-ए की जांच की और साथ में बंद लोगों ये भी पूछताछ की। डीआईजी ने करीब साढ़े चार घंटे पूरी जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृत्ताकर दीवार का एक कैमरा बंद मिला। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत दुरुस्त करने की बात कही।
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गैंगस्टर रवि काना पर नोएडा के सेक्टर-63 थाने में वसूली समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। रवि अन्य मामलों में वर्ष 2024 से बांदा मंडल कारागार में बंद चल रहा था। वसूली मामले में बी-वारंट के जरिए वह न्यायालय में तलब किया गया था। विवेचक ने आरोपी का रिमांड मांगा था। कोर्ट के आदेश 29 जनवरी को आरोपी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी।
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इसी दिन शाम को रवि काना को रिहा कर दिया गया था। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्धनगर ने इस मामले में डीजी जेल व जेल अधीक्षक से जवाब मांगा था। डीजी जेल पीसी मीणा ने डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी और कुछ ही घंटे बाद बांदा जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया था। वहीं इस संबंध में जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने कहा कि जांच में जो अभिलेख मांगे गए वह उपलब्ध करा दिए गए।
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