अस्थाई जेल में तब्दील जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डॉयट)।
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बांदा। शिक्षकों का प्रशिक्षण स्थल फिलहाल अस्थायी जेल बन गया है। प्रशिक्षण कार्य शिक्षक घर बैठकर ऑनलाइन कर रहे हैं। उनके कक्षों में विभिन्न अपराधों में पकड़े गए बंदियों को रखा गया है।
प्रशासन ने कोरोना संक्रमण काल में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को अस्थायी जेल बना दिया है। बुधवार को पांच बंदियों से इसकी शुरुआत हो गई। बंदियों को 14 दिन यहां रखा जाएगा। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद जेल भेजा जाएगा। सारी व्यवस्थाएं जेल प्रशासन के जिम्मे हैं।
कुछ दिन पहले डीएम अमित कुमार बंसल ने डायट भवन को अस्थायी जेल के लिए अधिग्रहीत कर लिया था। यहां चल रहे शिक्षकों के प्रशिक्षण कोरोना के चलते मार्च में ही बंद कर दिए गए थे। सिविल लाइन में डीएम कालोनी के नजदीक स्थित डायट में अब बंदियों को रखा जा रहा है।
फिलहाल छोटे आरोपों के पांच बंदियों को यहां रखा गया है। डिप्टी जेलर प्रभाकांत पांडेय, जेल के छह बंदी रक्षक और सिविल पुलिस के दो सब इंस्पेक्टर, चार सिपाही और 14 होमगार्ड यहां लगाए गए हैं। जेल अधीक्षक आरके सिंह का कहना है कि कोरोना जांच में निगेटिव पाए जाने के बाद मुख्य जेल में लाया जाएगा।
खाने-पीने आदि की व्यवस्थाएं जेल प्रशासन कर रहा है। उधर बीएसए हरिश्चंद्र नाथ का कहना है कि डायट में प्रशिक्षण मार्च से ही बंद है। भवन खाली हैं। शिक्षकों को घर से ही ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।