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ट्यूबवेल की टूटी लाइन से मवई में फैला डायरिया

Wed, 12 Jul 2017 11:54 PM IST
अमर उजाला बांदा
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मवई में ट्यूबवेल की टूटी लाइन से मिल रहा गंदा पानी दिखाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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मवई गांव के लगभग सभी मोहल्ले गंदगी से पटे हुए हैं। जिसके कारण पूरे गांव में डायरिया ने कहर मचा रखा हुआ है। अब तक 28 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। लगभग डेढ़ दर्जन मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष पीड़ितों का घर में ही इलाज हो रहा है।
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जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर मवई गांव कई दिनों से डायरिया की चपेट में है। यहां तैनात मात्र दो सफाई कर्मी ड्यूटी की महज औपचारिकता निभा रहे हैं। गंदगी से पूरा गांव बेेहाल है। सरकारी हैंडपम्प और कुंए सूखे पड़े हुए है। जिससे गांव के 600 ग्रामीण मजबूरन ट्यूबवेल से सप्लाई हो रहे गंदे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही पानी पीकर लोग डायरिया की गिरफ्त में आ रहे हैं। बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जिला अस्पताल में आठ नए मरीज भर्ती किए गए।

इनमें खुशबू (12), पूजा (2), संगीता (17) अनुराग (8), रवी (32) शामिल हैं। गांव के 10 डायरिया मरीज पहले से ही जिला अस्पताल में भर्ती हैं। गांव निवासी संतोष ने बताया कि बारिश के बाद से पूरा गांव गंदगी से पट चुका है।
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महीनों से सफाई नहीं हुई है। नालियां और गलियां कीचड़ और मलबे से पटी पड़ी हैं। ट्यूबवेल की पाइप लाइन में जगह-जगह छेद हैं। इससे पानी प्रदूषित हो रहा है। उधर, जल संस्थान अधिशासी अभियंता रतनलाल ने बताया कि बुधवार को अवर अभियंता राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम को मवई गांव भेजा गया है। पाइप लाइन और पानी की जांच की जा रही है। आपूर्ति हो रहे पानी में क्लोरीन इत्यादि डलवाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि वह जनपद से बाहर हैं। वापस आकर खुद भी मवई गांव जाएंगे।  

प्रधान बोलीं- स्वास्थ्य विभाग ने दी है दवा
बांदा। मवई की प्रधान गिरिजा सिंह का कहना है कि क्षेत्र की सभी सड़कों को दुरुस्त करने का संकल्प लिया है। लेकिन सोने के भाव में मिल रही बालू, निमार्ण कार्य में रोड़ा बन रही है। गांव में साफ पानी की सप्लाई के लिए पानी की टंकी बनवाने की अर्जी दे रखी है। गांव में डायरिया ग्रस्त रोगियों को स्वास्थ विभाग की टीम जांच के बाद दवा दे रही है। जल संस्थान की टीम भी गंदे पानी की जांच कर नमूना लेकर गई है। 
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