बांदा। प्रकाश पर्व दीपावली को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक घरों की रंग-रोगन व सजावट की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार में खासा उत्साह नजर आ रहा है। लोग पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक डिजाइनों व रंगों का इस्तेमाल कर अपने घरों को सजाने में जुटे हैं।
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इस बार पेंट विक्रेताओं के अनुसार डिजिटल मशीनों से तैयार पिंक, क्रीम और ग्रीन शेड्स की मांग सबसे ज्यादा है। रंग विक्रेता बबलू गुप्ता और सुनील कुमार ने बताया कि ग्राहकों की पसंद अब पारंपरिक रंगों से हटकर सॉफ्ट और डेकोरेटिव शेड की ओर बढ़ रही है। दरवाजों व खिड़कियों के लिए गोल्डन और ब्राउन कलर सबसे अधिक बिक रहे हैं। पांच लीटर से तैयार डिजिटल कलर की कीमत पांच सौ रुपये तक पहुंच रही है, जबकि ब्रांडेड वॉटरप्रूफ, डस्ट प्रूफ और वेदर प्रूफ पेंट नौ हजार रुपये में 20 लीटर और चार लीटर 19 सौ रुपये तक बिक रहा है। जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है, अभी भी 18 प्रतिशत की दर लागू है।
ग्रामीण इलाकों और कुछ शहरी हिस्सों में अब भी चूना, खड़िया और गेरू से घरों की पुताई की परंपरा जीवित है। शहर में चूना-गेरू की करीब दर्जन भर दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा सकती है। दुकानदार छोटे चौरसिया और अर्चना चौरसिया ने बताया कि पुताई वाला चूना सौ रुपये प्रति किलो, खड़िया व गेरू 10 प्रति किलो, जबकि रंगोली के रंग 50-50 रुपये में बिक रहे हैं।
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उधर पुताई करने वाले मजदूरों की मांग भी दीपावली के चलते बढ़ गई है। आम दिनों में पांच से छह सौ रुपये दिहाड़ी पर उपलब्ध होने वाले पेंटर अब आठ से हजार रुपये प्रतिदिन में मिल रहे हैं। कई घरों में तो पेंटर उपलब्ध ही नहीं हो पा रहे हैं। कुल मिलाकर दीपावली पर जिले की बाजारों में रंगों की रौनक और मेहनतकशों की मांग ने त्योहार की चमक को और बढ़ा दिया है।