मात्र 18 व 19 बरस की उम्र में एक-दूसरे को दिल दे बैठे प्रेमी युगल की शादी रचाने की मंशा परिजनों के विरोध के कारण परवान न चढ़ सकी। रिश्ते की दुहाई देकर लड़की के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था। घरवालों ने रेनू की शादी कहीं और तय कर दी थी। लेकिन उसकी डोली उठने के एक माह पहले ही अर्थी उठ गई।
प्रेमी और प्रेमिका दोनों ही साधारण घरानों के हैं। प्रेमी हंसराज की मां की पहले ही मौत हो चुकी है। पिता राजू निषाद बंगलौर में मजदूरी करता है। उसने अपने बूढ़े माता-पिता की देखरेख के लिए पुत्र हंसराज को गांव में छोड़ रखा था। उधर, रेनू गांव में माता-पिता के साथ रहती थी। हंसराज आठवीं तक पढ़ा है। रेनू पढ़ाई नहीं कर रही थी।
उधर, ग्रामीणों ने बताया कि मृतक हंसराज के पिता को बंगलौर में सूचना दे दी। वह गांव लौट रहा है। फोन पर उसने अपने पुत्र की हत्या की आशंका ग्रामीणों से जताई है। कहा है कि यह ऑनर किलिंग का मामला प्रतीत हो रहा है। वह गांव पहुंचकर अगली कार्रवाई करेगा।