फोटो-8- आयुर्वेद दिवस पर औषधीय पौधों की जानकारी लेते छात्र। स्रोत: विवि
= कृषि विश्वविद्यालय में वेबिनार, 100 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के उद्यान महाविद्यालय में औषधीय पौधों पर वेबिनार आयोजित किया गया। पुष्प विज्ञान एवं भू-दृश्य वास्तुकला विभाग और औषधीय एवं सुगंधित पौधों की अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम की थीम स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद रही।
निदेशक अनुसंधान डॉ. जगन्नाथ पाठक ने औषधीय पौधों के संरक्षण, वैज्ञानिक उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री विकसित करने पर जोर दिया। अधिष्ठाता डॉ. एसवी द्विवेदी ने विद्यार्थियों को औषधीय एवं सुगंधित पौधों के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. केएस तोमर ने वेबिनार के उद्देश्यों की जानकारी दी।
सीएसआईआर-सीआईएमएपी लखनऊ के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने औषधीय पौधों की विविधता, पारंपरिक उपयोग, जैव-सक्रिय घटकों और वैज्ञानिक प्रमाणीकरण पर व्याख्यान दिया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक विधियों से प्रमाणित करने की जरूरत बताई।
वेबिनार में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों समेत सौ से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े। उन्हें औषधीय पौधों की पहचान, उपयोग, उत्पादन और संरक्षण की जानकारी दी गई। साथ ही फील्ड एक्सपोजर भी कराया गया। कार्यक्रम में डॉ. अजय कुमार सिंह समेत अन्य शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।