बांदा। नोटबंदी की अफरा-तफरी से हलाकान खाताधारकों की सहूलियत के लिए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश को एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक ने ताख पर रख दिया है। मुख्य सचिव ने बैंकों को निर्देश दिए थे कि एक दिसंबर को कर्मचारियों के वेतन के लिए बैंकों में अलग काउंटर खोले जाएं, लेकिन मुख्य शाखा में इस पर अमल नहीं किया गया है। उनका कहना है कि उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। उधर, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बैंक चेयरमैन के आदेश का हवाला देकर कहा कि कर्मचारियों के लिए अलग काउंटर के आदेश हैं।
प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने बुधवार को आदेश दिए थे कि सभी बैंक शाखाओं में कर्मचारियों के लिए अलग काउंटर खोले जाएं। साथ ही रिजर्व बैंक पर्याप्त कैश उपलब्ध कराए, लेकिन यहां कचहरी स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के प्रबंधक सिद्धेश श्रीवास्तव ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। न ही अतिरिक्त काउंटर की जरूरत है। दूसरी तरफ एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके सिंह ने कहा कि बैंक चेयरमैन ने पहले ही आदेश दे रखा है कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनर के लिए अलग काउंटर लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि मुख्य शाखा प्रबंधक गलत बोल रहे हैं। मैं उनसे बात करूंगा। उधर, मुख्य शाखा में करेंसी एक्सचेंज और चहेतों को निकासी के आरोपी लगते आ रहे हैं। इस पर अधिकारी खामोश हैं। प्रशासनिक अधिकारी इसलिए खामोश हैं कि उनके काम यहां किए जा रहे हैं।
उधर, कृषि विभाग के रिटायर कर्मचारी मोहर अली थकान होने पर लाइन में ही बैठे थे। बताया कि पेंशन लेने आए हैं। कोई अलग काउंटर नहीं है। वन विभाग कर्मचारी प्रमोद कुमार गौतम ने बताया कि वेतन में मात्र चार हजार का कैश दिया जा रहा है।