बांदा। हत्या और डकैती के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को माल बरामदगी के आरोप में तीन साल की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। चार को संदेह के आधार पर बरी कर दिया गया।
अतर्रा के दामूगंज निवासी सराफा व्यवसायी पप्पू सोनी का 24 अप्रैल 2004 को महुटा माइनर के पास शव मिला था। हत्यारे उसे झांसा देकर जेवरात के साथ जीप में ले गए थे। पुलिस ने रामेश्वर पुत्र नारायण (अतर्रा) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए थे।
पुलिस ने रामेश्वर के बयान के आधार पर महोतरा निवासी रंजीत उर्फ राजेश पुत्र रघुवीर (उसरा पुरवा), दीपू पुत्र अशोक गौतम, पप्पू पुत्र करिंदा उर्फ अवध नरेश व रमाकांत पुत्र उमाशंकर गौतम (ब्योंजा, बबेरू), चौहान उर्फ शिवकुमार व राकेश के विरुद्ध धारा 396 व 312 के तहत डकैती के साथ हत्या व माल बरामदगी की चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
अभियुक्त शिवकुमार उर्फ चौहान के फरार होने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। एक अन्य अभियुक्त राकेश की दौरान मुकदमा मौत हो गई। विशेष न्यायाधीश (डकैती) हरिनाथ पांडेय ने शुक्रवार को इस मामले में रामेश्वर को धारा 312 के तहत माल बरामदगी के आरोप में सजा सुनाई। रंजीत, दीपू, पप्पू गौतम व रमाकांत को बरी कर दिया गया।