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Banda News: हादसा नहीं हत्या थी सगे भाइयों की मौत, पूर्व मंत्री के बेटे समेत नौ पर रिपोर्ट

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फोटो-25-मनोज। फाइल फोटो
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बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में पानी से भरे गड्ढे में मिले दो मासूम सगे भाइयों की मौत को पुलिस अब हादसा नहीं, हत्या मानकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत सिर में चोट लगने से होना बताया गया है। पेट में पानी नहीं मिला।
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पिता भइयाराम की तहरीर पर पुलिस ने दिवंगत पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व में दोहरे हत्याकांड के आरोपी रहे महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। नामजदों में जिला बदर अपराधी शेरा उर्फ ओमकार भी शामिल है। पुलिस ने पूछताछ के लिए छह आरोपियों को हिरासत में लिया है।

नंदवारा निवासी भइयाराम ने बताया कि 30 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे उसके बेटे मनोज कुमार (6) और युवराज (4) घर के दरवाजे पर खेल रहे थे। वह गांव के देवी स्थान पर पूजा और स्नान करने गया था। उसकी पत्नी कलावती घरेलू काम कर रही थी। करीब दो बजे लौटने पर दोनों बच्चे नहीं मिले। पत्नी ने बताया कि वे बाहर खेल रहे थे। ग्रामीणों के साथ तलाश शुरू की गई। रात करीब आठ बजे दोनों के शव राधेश्याम की दुकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में मिले। बच्चों के मुंह से खून निकल रहा था और शरीर पर चोट के निशान थे।
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पिता ने तहरीर में महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू और उसके साथी जिला बदर शेरा उर्फ ओमकार पर साजिश का आरोप लगाया है। तहरीर के अनुसार इनके कहने पर पूर्व में भवानीदीन, उसके भाई अखिलेश, अखिलेश की पत्नी सुनीता, भवानीदीन की पत्नी रामलली, छोटी बहू अर्चना, लंबरी और सुरेंद्र नेता ने भइयाराम पर जानलेवा हमला किया था। उसे वंश नाश करने की धमकी भी दी गई थी। इसी रंजिश में दोनों बच्चों की हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने अखिलेश, भवानीदीन, सुरेंद्र नेता, लंबरी, अर्चना और रामलली को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं अखिलेश की पत्नी सुनीता के गर्भवती होने के चलते उसे घर में ही पुलिस की निगरानी में रखा गया है। पुलिस अन्य दो आरोपियों पर भी नजर बनाए हुए हैं। वहीं, शुक्रवार दोपहर दोनों मासूम भाइयों के शव पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में मातम का माहौल रहा। बेटों को खोने का गम परिवार को अंदर ही अंदर खाए जा रहा है।
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प्रधान के चुनाव से उपजी थी रंजिश
भइयाराम ने बताया कि प्रधानी के चुनाव को लेकर उनके और विपक्षी पक्ष के बीच रंजिश चली आ रही है। आरोप है कि इसी के चलते कुछ माह पहले उस पर साजिश के तहत जानलेवा हमला कराया गया था। अब दोनों बेटों की मौत से उसका परिवार उजड़ गया है। कुछ माह पहले भी उनके साथ आरोपियों ने मारपीट की थी।
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वर्जन
पिता की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ नामजद हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है। नौ आरोपियों में से आरोपी अखिलेश से पूछताछ की जा रही है। आरोपी अपने बार-बार बयान बदल रहा है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
-पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा।

मां की चीत्कार...बच्चों ने किसी का क्या बिगाड़ा था
बांदा। दो मासूम बेटों को खोने के बाद मां कलावती का रो-रोकर बुरा हाल है। कभी वह दोनों बेटों को पुकारकर दहाड़ें मारने लगती है तो कभी अचानक बेसुध होकर गिर पड़ती है।
होश में आती है तो आंखों के सामने बेटों के चेहरे घूम जाते हैं और फिर चीखकर पूछती है कि बच्चों ने किसी का क्या बिगाड़ा था...। उसके इस सवाल का जवाब देने के लिए आसपास मौजूद लोगों के पास भी शब्द नहीं हैं।
गांव नंदवारा में दो सगे भाइयों मौत के मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। कलावती की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। जिस घर में दोनों बेटे खेलते-कूदते थे, वहां अब मातम पसरा है। कभी वह बेटों को याद कर बिलखती है तो कभी उन्हें पुकारते हुए दरवाजे की ओर देखने लगती है। परिवार के लोग उसे संभालने में जुटे हैं। गांव में पसरे तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
अब सूनी रह गई दोनों भाइयों की कलाई
मनोज और युवराज की बड़ी बहन दीपिका (10) भी सदमे में है। बीते माह रक्षाबंधन पर उसने दोनों भाइयों की कलाई पर राखी बांधी थी। तब उसे क्या पता था कि कुछ ही दिनों बाद वही कलाइयां हमेशा के लिए उससे छिन जाएंगी। अब वह कभी मां को संभालती है तो कभी खुद भाइयों को याद कर फूट-फूटकर रोने लगती है।

फोटो-25-मनोज। फाइल फोटो

फोटो-25-मनोज। फाइल फोटो

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