बांदा। बीमार वृद्ध को मच्छरों से बचाने के लिए आग जलाना भारी पड़ गया। रजाई में आग लगने से वृद्ध जिंदा जल गया। घरवालों ने बताया कि चल फिर न पाने पर वह बचाव नहीं कर सके। उधर, झुलसी युवती ने कुछ ही देर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी रामविशाल (80) पुत्र शिवपाल बुधवार की रात बरामदे में लेटा था। पास में ही मच्छरों से बचाने के लिए घरवालों ने आग जला दी थी।
तभी रजाई में आग लग गई। लपटों से घिरे रामविशाल ने परिजनों को आवाज लगाई, लेकिन कोई सुन नहीं सका। कुछ ही देर में जलकर उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में पुत्र नरेश और अन्य परिजनों ने बताया कि घटना आधी रात की है। लपटों की तेज रोशनी देखकर तुरंत जाग गए और आनन-फानन आग बुझाई लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। घरवालों ने बताया कि तीन माह पूर्व कमर में चोट लगने से वह चलने-फिरने में असहाय थे। तभी से वह बिस्तर में ही पड़े रहते थे। उधर, नरैनी कोतवाली के नौहाई गांव की संतोष कुमारी (20) पत्नी गोविंद की मंगलवार की रात इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने किसी बात से नाराज होकर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली थी। झुलसी संतोष को घरवालों ने अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन चंद घंटों में ही उसने दम तोड़ दिया। आग बुझाने के दौरान पति गोविंद भी झुलस गया। मृतका की मां आशा ने ससुरालीजनों पर कोई आरोप नहीं लगाए।